घरेलू महिलाएं केवल होममेकर नहीं, राष्ट्र निर्माता हैं: सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों के योगदान को मान्यता देते हुए कहा है कि उन्हें केवल होममेकर नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माता कहा जाना चाहिए। अदालत ने घरेलू कार्यों के आर्थिक मूल्य को स्वीकार करते हुए मोटर दुर्घटना मामलों में मुआवजा निर्धारण के लिए उनकी सेवाओं का महत्व रेखांकित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. देश की सर्वोच्च अदालत ने गृहिणियों की भूमिका और योगदान को लेकर एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील टिप्पणी करते हुए कहा है कि घरेलू महिलाओं को केवल "होममेकर" कहकर सीमित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें "राष्ट्र निर्माता" के रूप में सम्मान दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में गृहिणियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे लंबे समय से पर्याप्त मान्यता नहीं मिल पाई है।