कारगिल विजय दिवस पर राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश, बोले- अब सिर्फ पीओके पर होगी बात

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भविष्य में यदि कोई बातचीत होगी तो केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर होगी। साथ ही आतंकवाद और सीमा सुरक्षा को लेकर भारत की स्पष्ट नीति दोहराई।

Jul 26, 2026 - 16:28
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कारगिल विजय दिवस पर राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश, बोले- अब सिर्फ पीओके पर होगी बात

UNITED NEWS OF ASIA. कारगिल विजय दिवस के अवसर पर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1999 के कारगिल युद्ध में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान को लेकर भारत की नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि अब यदि पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत होगी तो वह केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुद्दे पर ही होगी।

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल युद्ध भारत के सैनिकों के अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश आज भी अपने शहीदों के बलिदान को गर्व के साथ याद करता है और उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद को वहां सरकारी नीति के एक औजार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। सेना और आतंकी संगठनों के बीच का अंतर लगातार कम होता दिखाई देता है, जो पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि घुसपैठ और आतंकवाद की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि पाकिस्तान की नीयत में अब तक कोई बदलाव नहीं आया है।

राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अब किसी भी प्रकार की बातचीत केवल पीओके के मुद्दे पर ही करेगा। उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और उस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय सेना की हालिया उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल सैन्य दृष्टि से ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी भारत की बड़ी सफलता का प्रतीक रहा है। इस अभियान ने दुनिया के सामने भारतीय सैनिकों के साहस, अनुशासन और रणनीतिक क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान लद्दाख के उपराज्यपाल सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और अनेक गणमान्य लोगों ने भी कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, शहीदों के परिजन और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।

कारगिल विजय दिवस हर वर्ष भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य और बलिदान की याद में मनाया जाता है। इस अवसर पर राष्ट्र अपने वीर सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करता है और देश की सुरक्षा के लिए उनके योगदान को नमन करता है। रक्षा मंत्री के संबोधन ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी नीति को लेकर पूरी तरह दृढ़ और स्पष्ट है।