मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को अभियान की नियमित समीक्षा करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए और लोगों की समस्याओं का यथासंभव त्वरित निराकरण किया जाए। अभियान से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पहले से ही आम नागरिकों तक पहुंचाने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक लोग कार्यक्रमों में भाग ले सकें।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविरों को विशेष महत्व दिया गया है। चयनित गांवों में स्वास्थ्य शिविरों के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाएगी। शिविर स्थलों पर आवेदन प्राप्त करने के लिए काउंटर बनाए जाएंगे और प्राप्त आवेदनों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। जिन समस्याओं का समाधान तत्काल संभव नहीं होगा, उनकी साप्ताहिक समीक्षा कर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने शिविरों से पहले ही संभावित पात्र हितग्राहियों की पहचान करने पर भी जोर दिया।
अभियान में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। कौशल विकास विभाग के माध्यम से युवाओं से आवेदन प्राप्त कर उन्हें उपलब्ध रोजगार अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। चयनित युवाओं को रोजगार मेलों में नियुक्ति पत्र प्रदान करने की व्यवस्था भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने रोजगार मेलों को प्रभावी तरीके से आयोजित कर अधिक से अधिक युवाओं को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्रों में भी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा। आंगन मिलन कार्यक्रम के तहत स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, ‘मेरी पौष्टिक थाली’, चित्रकला प्रतियोगिता, न्योता भोज तथा फल और मिठाई वितरण जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पोषण चौपालों में माता-पिता की भागीदारी बढ़ाने के साथ महतारी वंदन योजना से लाभान्वित होकर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौने उपलब्ध कराने में सामुदायिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ा जाएगा। शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में आयोजित होने वाली इन गतिविधियों में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों, शाला प्रबंधन समितियों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को नुक्कड़ नाटक जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा विशेष उपलब्धि वाले दिव्यांग बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने पर भी जोर दिया गया।
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत रक्तदान, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, स्वच्छता और अन्य जनसरोकार से जुड़ी 25 से अधिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। नदी घाटों की स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जाएगा। ‘स्वच्छता ही सेवा’ से जुड़ी ग्रामीण और शहरी गतिविधियों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण कार्यक्रम को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। जल संरचनाओं, सार्वजनिक स्थलों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण किया जाएगा। इस वर्ष प्रदेश में 2.5 करोड़ पौधे लगाने के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान की सार्थकता तभी होगी, जब इसका सीधा लाभ जनता तक पहुंचे। जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधाएं, पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ, युवाओं को रोजगार और बच्चों को प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराने के साथ स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में समाज की भागीदारी बढ़ाना अभियान की प्राथमिकता होगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।