डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा चुनावी दांव, जीतने पर हर वयस्क अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने का किया वादा

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा चुनावी वादा किया है। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिनिधि सभा और सीनेट में नियंत्रण बरकरार रखने पर हर वयस्क अमेरिकी को 5,000 डॉलर का ‘ट्रंप डिविडेंड’ दिया जाएगा। प्रस्ताव पर करीब 1.22 ट्रिलियन डॉलर खर्च होने का अनुमान है।

Sep 10, 2026 - 11:39
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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा चुनावी दांव, जीतने पर हर वयस्क अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने का किया वादा

UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिका में मिडटर्म चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक बड़ा चुनावी दांव पेश किया है। ट्रंप ने कहा है कि यदि नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर अपना नियंत्रण बनाए रखती है, तो हर वयस्क अमेरिकी को 5,000 डॉलर दिए जाएंगे। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 5 लाख रुपये के आसपास बैठती है। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ‘ट्रंप डिविडेंड’ नाम दिया है।

रिपब्लिकन पार्टी ने बुधवार, 9 सितंबर को टेक्सास के डलास में अपने पहले मिडटर्म इलेक्शन कैंपेन की शुरुआत की। डलास में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने समर्थकों के सामने इस प्रस्ताव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि रिपब्लिकन चुनाव जीतते हैं तो अमेरिकी नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि, ट्रंप ने इस रकम को वितरित करने के लिए विस्तृत वित्तीय व्यवस्था या फंडिंग के स्रोत की जानकारी अपने भाषण में स्पष्ट तौर पर नहीं बताई। उन्होंने इतना जरूर कहा कि अमेरिका काफी पैसा कमा रहा है।

ट्रंप ने इस प्रस्ताव के साथ एक शर्त भी रखी है। उनके मुताबिक, मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अमेरिका के भीतर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि अमेरिकी नागरिक यह पैसा लेकर कनाडा, चीन या जर्मनी जैसे देशों में जाकर खर्च करें। इस बयान के बाद प्रस्ताव को लेकर आर्थिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा शुरू हो सकती है, क्योंकि इतनी बड़ी राशि के वितरण के लिए व्यापक वित्तीय संसाधनों की जरूरत होगी।

प्रस्तावित योजना पर खर्च का अनुमान भी काफी बड़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में करीब 24.5 करोड़ वयस्क नागरिक हैं। यदि प्रत्येक वयस्क को 5,000 डॉलर दिए जाएं तो कुल खर्च लगभग 1.22 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 11.6 लाख करोड़ रुपये के बराबर बताई जा रही है। हालांकि, ट्रंप के बयान में अमेरिका में रहने वाले वयस्क नागरिकों का उल्लेख किया गया है, इसलिए विदेशों में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों की पात्रता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप के सामने राजनीतिक चुनौतियां भी हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हालिया जनमत सर्वेक्षणों में उनकी अप्रूवल रेटिंग निचले स्तर पर पहुंची है। रॉयटर्स और इप्सॉस के सर्वे के अनुसार अर्थव्यवस्था और ईरान से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक असंतुष्ट बताए गए हैं। एक सर्वे में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग करीब 30 प्रतिशत के स्तर पर बताई गई है।

प्रतिनिधि सभा में भी मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौजूदा स्थिति में रिपब्लिकन पार्टी के पास 218 सीटें और डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 214 सीटें बताई गई हैं। बहुमत के लिहाज से डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन पर बढ़त बनाने के लिए कुछ अतिरिक्त सीटों की जरूरत होगी। ऐसे राजनीतिक माहौल में ट्रंप का 5,000 डॉलर का ‘डिविडेंड’ प्रस्ताव मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, योजना की वास्तविक लागत, पात्रता और भुगतान की व्यवस्था से जुड़े कई सवालों का जवाब आगे की राजनीतिक और नीतिगत प्रक्रिया में ही स्पष्ट होगा।