MP Morning News: CM मोहन यादव का व्यस्त कार्यक्रम, अस्पताल होंगे पेपरलेस; सागर शराब कांड में बड़ा एक्शन
मध्य प्रदेश में आज प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के साथ कई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कार्यक्रमों और समीक्षा बैठकों में हिस्सा लेंगे। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को 1 नवंबर से पेपरलेस करने की तैयारी है। वहीं भोपाल में MBBS इंटर्न डॉक्टरों पर हुए बल प्रयोग के मामले में प्रशासनिक जांच के आदेश दिए गए हैं। सागर जहरीली शराब कांड में मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के साथ प्रशासनिक फेरबदल किया है।
UNITED NEWS OF ASIA. मध्य प्रदेश में आज प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम और बैठकों का दौर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज का कार्यक्रम भी काफी व्यस्त रहेगा। मुख्यमंत्री सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर लोक भवन पहुंचेंगे, जहां वे मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की मूर्ति स्थापना समारोह में सहभागिता करेंगे। दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टीकमगढ़ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव से जुड़ेंगे।
मुख्यमंत्री इसके बाद मंत्रालय पहुंचकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में शामिल होंगे। शाम 4 बजे स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद शाम 5 बजे खनिज साधन विभाग की समीक्षा बैठक होगी। इन बैठकों में विभागीय कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
इधर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में बिहार मॉडल की तर्ज पर नया HMIS सॉफ्टवेयर लागू किया जा रहा है। इसके तहत 1 नवंबर से सरकारी अस्पतालों को पेपरलेस बनाने की तैयारी है। मरीजों को OPD पर्ची के लिए कागज पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और मोबाइल पर ही पर्चा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, अस्पतालों में पर्याप्त टैबलेट उपलब्ध नहीं होने और कर्मचारियों को जरूरी प्रशिक्षण नहीं मिलने के कारण इस व्यवस्था को तय समय सीमा में लागू करने को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
भोपाल में प्रदर्शन कर रहे MBBS इंटर्न डॉक्टरों पर वाटर कैनन और बल प्रयोग के मामले में भी सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। गृह विभाग ने सचिव शिल्पा गुप्ता को प्रशासनिक जांच अधिकारी नियुक्त किया है। शिल्पा गुप्ता पूरे मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगी। जांच के बाद पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग को लेकर जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।
वहीं सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा फेरबदल किया गया है। दिलीप कुमार को सागर संभाग आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि इरशाद वली को सागर रेंज का नया आईजी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।