चितरंगी में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई, कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प
सिंगरौली जिले के चितरंगी में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र में 14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी कार्यालय चितरंगी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उपस्थित सभी लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज में समानता, न्याय और शिक्षा के प्रसार के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला महामंत्री लालपति साकेत, जिला मंत्री हर्ष सिंह, मंडल अध्यक्ष अजय द्विवेदी, पूर्व जिला मंत्री प्रवेद्र धर, प्रभात सिंह (मंडल महामंत्री चितरंगी), समर बहादुर सिंह (मंत्री) और प्रकाश जायसवाल (पूर्व मंडल अध्यक्ष) सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन और उनके महान योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने न केवल भारतीय संविधान की रचना की, बल्कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को समान अधिकार दिलाने के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनका जीवन आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर का मानना था कि शिक्षा ही समाज में परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है। यदि समाज को आगे बढ़ाना है, तो हर व्यक्ति को शिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा को प्राथमिकता दें और समाज में फैली असमानता को दूर करने में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में सामाजिक समरसता और भाईचारे पर भी विशेष जोर दिया गया। उपस्थित नेताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। उनके सिद्धांतों को अपनाकर ही एक मजबूत और समतामूलक समाज का निर्माण किया जा सकता है।
इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज में समानता, न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
चितरंगी में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक श्रद्धांजलि सभा थी, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और प्रेरणा का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ।