चितरंगी के जंगलों में भीषण आग, कई किलोमीटर तक फैली लपटें

सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र में घोघरा से अमरापान तक जंगलों में भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और कई किलोमीटर तक फैल गई। स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन की धीमी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आग तेजी से फैलती दिखाई दे रही है।

May 28, 2026 - 11:22
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चितरंगी के जंगलों में भीषण आग, कई किलोमीटर तक फैली लपटें

UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र में बुधवार शाम अचानक जंगलों में भीषण आग भड़क उठी। घोघरा से अमरापान तक फैली इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और कई किलोमीटर के जंगल क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। जंगलों से उठती आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देता रहा, जिससे आसपास के गांवों में भी दहशत का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार शाम के समय जंगल के एक हिस्से में आग लगने की शुरुआत हुई थी, लेकिन तेज हवाओं और सूखे जंगल के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते आग ने बड़े क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया। जंगलों में सूखी घास, पत्तियां और पेड़ों के कारण आग और भड़कती गई। कई स्थानों पर आग इतनी तेज थी कि दूर से ही उसकी लपटें साफ दिखाई दे रही थीं।

घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जंगलों में फैली आग का भयावह दृश्य देखा जा सकता है। वीडियो में आग तेजी से फैलती नजर आ रही है और धुएं का घना गुबार पूरे क्षेत्र में फैलता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने के काफी समय बाद तक मौके पर वन विभाग या प्रशासन की सक्रियता नजर नहीं आई, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।

ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी रोकथाम के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। आग के कारण लाखों रुपये की वन संपदा को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों के लिए भी यह आग बड़ा खतरा बन गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और सूखे मौसम के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार मानवीय लापरवाही भी इसका कारण बनती है। जंगलों में फेंकी गई जलती वस्तुएं, बीड़ी-सिगरेट या अन्य कारणों से छोटी चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले लेती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जंगलों में आग रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में वन संपदा और पर्यावरण को भारी नुकसान हो सकता है। आग की घटनाओं से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी खतरा बढ़ जाता है।

फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की टीमों द्वारा आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि देर शाम तक आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी थी। पूरे क्षेत्र की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई और राहत कार्यों पर टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।