E20 पेट्रोल पर अरविंद केजरीवाल का हमला, बोले- जनता पर जबरन फैसले थोपना बंद करे मोदी सरकार

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल नीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इससे वाहनों में तकनीकी दिक्कतें, माइलेज में कमी और मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से नीति की समीक्षा कर आम लोगों पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने की मांग की।

Jul 12, 2026 - 16:07
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E20 पेट्रोल पर अरविंद केजरीवाल का हमला, बोले- जनता पर जबरन फैसले थोपना बंद करे मोदी सरकार

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल के उपयोग से कई वाहन चालकों को तकनीकी समस्याओं, कम माइलेज और बढ़ते मरम्मत खर्च का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस नीति की समीक्षा करने और आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने की मांग की।

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कुछ वाहन मालिकों और मैकेनिकों से मुलाकात कर उनके अनुभव जाने। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए लोगों से उसे देखने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद कई गाड़ियों में खराबी आने लगी है और वर्कशॉप में ऐसे वाहनों की संख्या बढ़ी है। कुछ वाहन मालिकों ने यह भी शिकायत की कि पहले की तुलना में उनकी गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है, जिससे ईंधन पर होने वाला खर्च बढ़ गया है।

केजरीवाल ने कहा कि सरकार को जमीनी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उनका आरोप है कि केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस या टीवी इंटरव्यू के जरिए वास्तविक स्थिति को नहीं बदला जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी नीति से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है तो उस नीति की समीक्षा की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रहा मध्यम वर्ग अब वाहनों के रखरखाव पर बढ़ते खर्च और कम माइलेज की वजह से अतिरिक्त आर्थिक दबाव महसूस कर रहा है। उनके अनुसार सरकार को वाहन उपयोगकर्ताओं, ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों, मैकेनिकों और वाहन निर्माताओं से व्यापक चर्चा कर E20 नीति के प्रभाव का मूल्यांकन करना चाहिए।

केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि जिन मैकेनिकों से उन्होंने बातचीत की, उनका कहना था कि हाल के महीनों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले वाहनों में तकनीकी शिकायतें बढ़ी हैं। हालांकि उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक तकनीकी अध्ययन या सरकारी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार देश में एथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को लाभ मिलेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। वहीं वाहन निर्माता कंपनियां भी E20 अनुकूल इंजन विकसित कर रही हैं।

E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर केंद्र सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके व्यावहारिक प्रभावों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में इस मुद्दे पर सरकार और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।