नक्सलियों के बड़े डंप का खुलासा, सोने के बिस्किट समेत हथियार और विस्फोटक बरामद

दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों की निशानदेही पर नक्सलियों का बड़ा डंप बरामद किया है। कार्रवाई में 116 ग्राम सोने का बिस्किट, दो लाख रुपये नकद, आधुनिक हथियार, भारी मात्रा में विस्फोटक, गोला-बारूद और नक्सली उपयोग की अन्य सामग्री जब्त की गई। पुलिस ने इसे आत्मसमर्पण नीति की बड़ी सफलता बताया है।

Jul 12, 2026 - 17:31
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नक्सलियों के बड़े डंप का खुलासा, सोने के बिस्किट समेत हथियार और विस्फोटक बरामद

UNITED NEWS OF ASIA. दंतेवाड़ा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे माओवादियों की सटीक निशानदेही पर चलाए गए संयुक्त सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों का एक बड़ा डंप बरामद किया गया। इस कार्रवाई में सोने का बिस्किट, नकदी, आधुनिक हथियार, भारी मात्रा में विस्फोटक, गोला-बारूद और नक्सली संगठन द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली अन्य सामग्री जब्त की गई है।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली सूचना के आधार पर दंतेवाड़ा पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम 12 जुलाई को थाना बारसूर क्षेत्र के ग्राम तोड़मा के जंगल-पहाड़ी इलाके में सर्च अभियान पर निकली थी। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया नक्सलियों का बड़ा डंप खोज निकाला।

बरामद सामग्री में लगभग 116 ग्राम वजन का सोने का बिस्किट शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 16 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा दो लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। हथियारों में इंसास राइफल, एके-47 और एसएलआर की मैग्जीन व कारतूस, 12 बोर बंदूकें, बीजीएल लांचर और रिवाल्वर शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में टिफिन बम, पाइप बम, तीर बम, हैंड ग्रेनेड, मोर्टार, डेटोनेटर, जिलेटिन, कोडेक्स वायर तथा अन्य विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है।

इसके अतिरिक्त नक्सलियों की वर्दियां, दवाइयां, खाना बनाने के बर्तन, कुकर और संगठन से संबंधित दस्तावेज व साहित्य भी मौके से जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री से स्पष्ट है कि नक्सली संगठन इस क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी गतिविधियों को संचालित करने की तैयारी में था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम अब लगातार सामने आ रहे हैं। मुख्यधारा में लौट रहे पूर्व माओवादी संगठन की गतिविधियों, ठिकानों और हथियारों की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे सुरक्षा बलों को अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिल रही है। इससे नक्सली संगठन की आर्थिक और सैन्य क्षमता दोनों पर प्रभाव पड़ रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। बरामद हथियारों और विस्फोटकों का उपयोग सुरक्षा बलों पर हमलों में किया जा सकता था, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। पुलिस ने कहा कि बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास लगातार किया जाएगा। साथ ही जंगल क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन और खुफिया कार्रवाई भी लगातार तेज की जाएगी, ताकि नक्सली नेटवर्क को पूरी तरह कमजोर किया जा सके।