प्रदर्शन का नेतृत्व रायपुर जिलाध्यक्ष नवनीत नंदे और युवा विंग के जिलाध्यक्ष विकास दास मानिकपुरी ने किया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि गरीब परिवारों के घरों को हटाकर विधायक कॉलोनी का निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान जनता के विश्वास से मिलता है, न कि गरीबों का आशियाना उजाड़कर।
आम आदमी पार्टी ने सरकार और प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पार्टी ने प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करने, चरागाह भूमि पर प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के निर्णय पर पुनर्विचार करने तथा गरीब, मजदूर, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विकास योजनाओं के नाम पर गरीब और वंचित परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि किसी भी विकास परियोजना से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
प्रदर्शन के दौरान लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान, युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष इमरान खान, प्रदेश कार्यालय प्रभारी शिव शर्मा, आरटीआई विंग सचिव संजय गुप्ता, महिला विंग की जिला अध्यक्ष अनुराधा शुक्ला, जिला कार्यकारी अध्यक्ष सागर क्षीरसागर, प्रदेश उपाध्यक्ष (सोशल मीडिया) मिथलेश साहू, जिला महासचिव नरेंद्र सिंह ठाकुर, जिला सोशल मीडिया प्रभारी सनोज दास, वीरेंद्र पवार, बलवंत, पंकज शर्मा, फारुख, राहुल, जिला उपाध्यक्ष श्याम शर्मा, डॉ. विजय देवांगन, जयदीप मुग्दियार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि वह गरीब, वंचित और शोषित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और उनके सम्मानजनक जीवन के अधिकार की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
गौरतलब है कि नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी और प्रभावित परिवारों के विस्थापन का मुद्दा पिछले कुछ समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा इस मामले में पुनर्वास और अधिकारों को लेकर लगातार अपनी मांगें उठाई जा रही हैं।