सिंगरौली में NCL मुआवजे के नाम पर साइबर ठगी, किसान से 12 हजार रुपये ठगे
सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र में NCL मुआवजे के नाम पर एक किसान से 12 हजार रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने खुद को NCL कर्मचारी बताकर मुआवजा दिलाने का झांसा दिया। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और गढ़वा थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l जिले में साइबर अपराधियों ने अब NCL (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के मुआवजे के नाम पर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। चितरंगी तहसील के ग्राम नौगई प्रथम में रहने वाले एक किसान से 12 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन और स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम नौगई प्रथम निवासी अंबिकेश सिंह चौहान की भूमि NCL परियोजना से प्रभावित है, जिसके बदले उन्हें मुआवजा मिलना प्रस्तावित है। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और स्वयं को NCL का कर्मचारी बताया।
फोन करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि अंबिकेश सिंह के खाते में 2 लाख 80 हजार रुपये का मुआवजा भेजा जाना है, लेकिन उनका बैंक खाता सेविंग अकाउंट होने के कारण राशि ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। ठग ने बातचीत के दौरान उन्हें भरोसे में लिया और मुआवजा जारी कराने के नाम पर अलग-अलग प्रक्रिया अपनाने के लिए कहा।
कुछ देर बाद पीड़ित के मोबाइल पर 10 हजार और 25 हजार रुपये के असफल ट्रांजैक्शन से जुड़े संदेश प्राप्त हुए। इसके बाद ठग ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर कुछ राशि भेजने को कहा। मुआवजा मिलने की उम्मीद में अंबिकेश सिंह उसके झांसे में आ गए और विभिन्न नंबरों पर कुल 12 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
राशि भेजने के कुछ समय बाद जब कथित मुआवजा उनके खाते में नहीं पहुंचा और फोन करने वाले व्यक्ति से संपर्क नहीं हो सका, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और गढ़वा थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित रिपोर्ट भी पुलिस को सौंपी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर अपराधियों की पहचान करने और ट्रांसफर की गई राशि का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही बैंकिंग लेनदेन और संबंधित मोबाइल नंबरों की भी जांच की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने का संदेश देती है। प्रशासन और साइबर विशेषज्ञ लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें और मुआवजा, सरकारी योजना या बैंक संबंधी किसी भी सूचना की संबंधित विभाग से आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह देखना होगा कि पीड़ित किसान की ठगी गई राशि वापस मिल पाती है या नहीं।