पंडरिया के सरकारी स्कूलों में पहुंचेगी ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’, छात्र सीखेंगे AI, ड्रोन और रोबोटिक्स

पंडरिया विधायक भावना बोहरा जल्द ही ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब की शुरुआत करेंगी। इस पहल के तहत सरकारी और सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों के विद्यार्थियों को एआई, ड्रोन, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग और अन्य आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रति वर्ष 5,000 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

Jul 11, 2026 - 13:44
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पंडरिया के सरकारी स्कूलों में पहुंचेगी ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’, छात्र सीखेंगे AI, ड्रोन और रोबोटिक्स

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से विधायक भावना बोहरा ने एक नई पहल की घोषणा की है। जल्द ही ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ नाम से मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब की शुरुआत की जाएगी। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के माध्यम से सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, उच्चतर विद्यालयों और सरस्वती शिशु मंदिरों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को विज्ञान और उभरती तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब विशेष रूप से तैयार बस के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों तक पहुंचेगी। यहां पांच अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम तीन से पांच दिनों तक कार्यशाला आयोजित कर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

विधायक भावना बोहरा ने बताया कि इस परियोजना का लक्ष्य प्रतिवर्ष 5,000 से अधिक विद्यार्थियों तक आधुनिक तकनीकी शिक्षा पहुंचाना है। प्रथम चरण में कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राएं केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि स्वयं ड्रोन उड़ाने, रोबोट संचालित करने, कोडिंग करने, 3डी मॉडल तैयार करने तथा अन्य तकनीकी उपकरणों का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त करेंगे।

मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3डी प्रिंटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), कोडिंग तथा ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच तकनीकी शिक्षा की दूरी कम करना तथा उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।

भावना बोहरा ने कहा कि प्रतिभा किसी संसाधन या बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। यदि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक संसाधन और उचित अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का विकास होगा।

उन्होंने बताया कि इससे पहले भी पंडरिया विधानसभा में छात्राओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 10 निःशुल्क बसों का संचालन शुरू किया गया है, जिससे अब तक 1,500 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हो चुकी हैं। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘लक्ष्य’ निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से युवाओं को IIT-JEE, NEET और CGPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।

भावना बोहरा ने कहा कि ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ ग्रामीण प्रतिभाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और आगामी दिनों में इसका शुभारंभ किया जाएगा, जिससे सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।