केंद्र की नई गाइडलाइन: आधिकारिक कार्यक्रमों में पहले होगा ‘वंदे मातरम्’, फिर गूंजेगा ‘जन गण मन’

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन एवं वादन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। आधिकारिक कार्यक्रमों में दोनों का एक साथ आयोजन होने पर पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही सही शब्दों और उच्चारण का पालन अनिवार्य किया गया है।

Jul 11, 2026 - 13:31
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केंद्र की नई गाइडलाइन: आधिकारिक कार्यक्रमों में पहले होगा ‘वंदे मातरम्’, फिर गूंजेगा ‘जन गण मन’

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन एवं वादन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को निर्देश जारी करते हुए उन अवसरों की विस्तृत सूची निर्धारित की है, जहां राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार गायन या वादन किया जाएगा।

नई गाइडलाइन के अनुसार यदि किसी सरकारी या औपचारिक कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के गायन अथवा वादन के दौरान उनके आधिकारिक शब्दों और सही उच्चारण का पालन अनिवार्य होगा। इसके लिए आधिकारिक शब्दावली और उच्चारण संबंधी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।

गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार ‘वंदे मातरम्’ का वादन या गायन नागरिक सम्मान समारोहों, राष्ट्रपति के औपचारिक राजकीय कार्यक्रमों में उनके आगमन और प्रस्थान के समय, सरकार द्वारा आयोजित अन्य आधिकारिक समारोहों, राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम रेडियो एवं टेलीविजन संबोधन से पहले और बाद तथा परेड के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के समय किया जाएगा। इसी प्रकार राज्यपाल और उपराज्यपाल के औपचारिक राजकीय कार्यक्रमों में भी उनके आगमन और प्रस्थान के अवसर पर राष्ट्रगीत का वादन किया जाएगा।

गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि जिन राज्यों में राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्य गीत तीनों का आयोजन होता है, वहां भी निर्धारित क्रम का पालन किया जाएगा। इसका उद्देश्य पूरे देश में एक समान प्रोटोकॉल लागू करना और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान सुनिश्चित करना है।

केंद्र सरकार इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ भी मना रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय गीत के सम्मान और उसके ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का कहना है कि स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना और एकता का भाव जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने ‘जन गण मन’ को भारत का राष्ट्रगान तथा ‘वंदे मातरम्’ को समान सम्मान प्राप्त राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था। नई गाइडलाइन का उद्देश्य दोनों राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान, गरिमा और निर्धारित प्रोटोकॉल का देशभर में एक समान पालन सुनिश्चित करना है।