ग्राम गाजर में वन विभाग की कार्रवाई पर भड़के ग्रामीण, कांग्रेस ने लगाया पक्षपात का आरोप

बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर क्षेत्र स्थित ग्राम गाजर में वन विभाग द्वारा की गई बेदखली कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है। प्रभावित परिवारों ने बिना पर्याप्त प्रक्रिया अपनाए मकान तोड़े जाने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस ने कार्रवाई में राजनीतिक भेदभाव और चुनिंदा लोगों को निशाना बनाए जाने का दावा किया है।

Jun 9, 2026 - 15:24
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ग्राम गाजर में वन विभाग की कार्रवाई पर भड़के ग्रामीण, कांग्रेस ने लगाया पक्षपात का आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गाजर में वन विभाग द्वारा की गई बेदखली कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कार्रवाई से प्रभावित परिवारों का आरोप है कि वन विभाग ने चुनिंदा लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि क्षेत्र में अन्य कई लोगों द्वारा किए गए कथित अतिक्रमण पर कोई कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों के अनुसार वन विभाग ने गांव में जेसीबी मशीन की सहायता से 34 मकानों को ध्वस्त कर दिया। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे पिछले कई दशकों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके परिवार की तीन पीढ़ियां इसी क्षेत्र में रहकर जीवनयापन करती रही हैं। उनका दावा है कि वे नियमानुसार पट्टे की पात्रता रखते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके घरों को तोड़ दिया गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि उनका निवास वन भूमि पर अवैध था तो संबंधित विभाग को प्रारंभिक स्तर पर ही आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए थी। उनका कहना है कि वर्षों तक क्षेत्र में निवास करने और परिवार बस जाने के बाद अचानक इस प्रकार की कार्रवाई से वे बेघर हो गए हैं। प्रभावित लोगों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई से पूर्व ग्राम पंचायत स्तर पर कोई पंचनामा नहीं किया गया और न ही पर्याप्त सूचना दी गई।

ग्रामीणों के मुताबिक जिन मकानों को नुकसान पहुंचा है उनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित एक आवास भी शामिल है, जिसे आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसके अलावा विशेष रूप से संरक्षित पंडो जनजाति के एक परिवार का मकान भी कार्रवाई की चपेट में आने का दावा किया गया है। इससे प्रभावित परिवारों में असंतोष और बढ़ गया है।

इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई निष्पक्ष नहीं थी और कुछ लोगों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। उनका कहना है कि क्षेत्र में वन भूमि पर अन्य लोगों का भी कब्जा है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक आधार पर भेदभाव किया गया और केवल कुछ परिवारों के मकानों को तोड़ा गया। जिला कांग्रेस नेता हरिहर यादव ने वन विभाग की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में निष्पक्षता नहीं बरती गई और प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय हुआ है।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो पार्टी न्यायालय की शरण लेगी। साथ ही प्रभावित ग्रामीणों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन भी किया जा सकता है।

फिलहाल इस मामले में वन विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन और वन विभाग की प्रतिक्रिया आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और प्रभावित परिवार प्रशासन से राहत एवं न्याय की मांग कर रहे हैं।