तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर बिलासपुर यातायात पुलिस की सख्ती, 5 माह में 14,372 चालकों को नोटिस

बिलासपुर यातायात पुलिस ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए जनवरी से मई 2026 तक 14,372 प्रकरण दर्ज किए हैं। अत्याधुनिक कैमरों, एएनपीआर सिस्टम, स्पीड राडार गन और इंटरसेप्टर वाहनों की मदद से निगरानी की जा रही है। गंभीर उल्लंघन करने वाले चालकों के लाइसेंस निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा रही है।

Jun 9, 2026 - 15:19
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तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर बिलासपुर यातायात पुलिस की सख्ती, 5 माह में 14,372 चालकों को नोटिस

UNITED NEWS OF ASIA. विशु तिवारी, बिलासपुर l सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिलासपुर यातायात पुलिस ने तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। पुलिस विभाग के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच ऐसे 14,372 मामलों में कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन चालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

यातायात पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में तेज गति से वाहन चलाना, जल्दबाजी, लापरवाही तथा नशे की हालत में वाहन चलाना शामिल हैं। इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए जिले में विशेष निगरानी अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत इंटरसेप्टर वाहनों, स्पीड राडार गन, स्पीडोमीटर और अत्याधुनिक कैमरों की सहायता से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

शहर में स्थापित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के माध्यम से 550 से अधिक कैमरों की सहायता से प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और आंतरिक सड़कों की निगरानी की जा रही है। एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) तकनीक से लैस कैमरे वाहनों की गति, नंबर प्लेट और अन्य गतिविधियों को रिकॉर्ड कर रहे हैं। इसके आधार पर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को ऑनलाइन नोटिस भेजे जा रहे हैं।

यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 112/183 के तहत तेज गति से वाहन चलाने के 4,809 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वहीं धारा 184 के तहत जल्दबाजी और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने के 9,567 मामलों में कार्रवाई की गई है। इस प्रकार कुल 14,372 मामलों में नोटिस जारी कर चालान की प्रक्रिया पूरी की गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में वाहन चालक न केवल अपनी जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। खतरनाक स्टंट, रील बनाते हुए वाहन चलाना, सड़क पर रेस लगाना और जोखिमपूर्ण तरीके से ड्राइविंग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में माना जा रहा है।

यातायात पुलिस ने चेतावनी दी है कि गंभीर यातायात नियम उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ केवल चालानी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि उनके ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। इसके लिए परिवहन विभाग को लगातार प्रतिवेदन भेजे जा रहे हैं।

इसके अलावा सड़क पर खतरनाक स्टंट और सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मामलों को न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जा रहा है, जहां संबंधित वाहन चालकों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सुरक्षित वाहन चलाएं और सड़क सुरक्षा नियमों का सम्मान करें, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और सभी के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।