रायपुर के गुरुद्वारा श्री गुरु हरिकिशन साहिब में नए सेवादारों का चयन, 12 सेवकों को मिली सेवा की जिम्मेदारी
रायपुर के मोवा स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु हरिकिशन साहिब बाला प्रीतम में धार्मिक परंपरा के तहत 20 पर्चियों में से 12 सेवादारों का चयन किया गया। ये सभी सेवादार अगले दो वर्षों तक गुरुद्वारा की सेवा, मर्यादा और गुरमत के अनुसार कार्य करेंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मोवा क्षेत्र स्थित गुरुद्वारा गुरु हरिकिशन साहिब बाला प्रीतम में शनिवार को एक विशेष धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार नए सेवादारों का चयन किया गया।
यह आयोजन गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज की हजूरी में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अगुवाई प्रधान सेवक बल्लू वीर (गुरुद्वारा धन हान बाबा बुड्डा साहिब, रामपुर) तथा प्रधान सेविका सुल्याणी कौर दौलतानी (गुरुद्वारा श्री गुरु हरिकिशन साहिब बाला प्रीतम, मोवा) द्वारा की गई।
धार्मिक परंपरा के अनुसार कुल 20 पर्चियों के माध्यम से सेवादारों का चयन किया गया। इस प्रक्रिया में बाल रूप संगत द्वारा 12 पर्चियां निकाली गईं, जिसके आधार पर 12 सेवादारों को सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। चयनित सेवादार आगामी दो वर्षों (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक) गुरुद्वारा साहिब में सेवा देंगे।
इन सेवादारों की जिम्मेदारी केवल दैनिक कार्यों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उन्हें गुरुद्वारा की मर्यादा बनाए रखते हुए गुरमत सिद्धांतों के अनुरूप सेवा करनी होगी। साथ ही, वे नए और पुराने सभी सेवादारों को साथ लेकर सामूहिक रूप से गुरु घर की सेवा करेंगे।
चयनित सेवादारों के नाम इस प्रकार हैं:
- रवि दौलतानी
- अम्ब्रेश दौलतानी
- अमर सचदेव
- मैनचेस्टर सच्रेत
- विनोद खत्री
- अनेश शेवानी
- ऐसी राम अंदाती
- कुमार नवलानी
- संजय किगरानी
- नन्दलाल लखिसरानी
- विक्रम भागवानी
- सागर भागवानी
इस आयोजन के दौरान पूरे गुरुद्वारा परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के जयकारों के साथ गुरु की महिमा का गुणगान किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेवा भावना को बढ़ावा देना और समाज में धार्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करना था। सिख धर्म में सेवा (सेवा भाव) का विशेष महत्व है, और इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए इस प्रकार के आयोजनों का नियमित रूप से आयोजन किया जाता है।
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने सभी चयनित सेवादारों को बधाई देते हुए उनसे अपेक्षा की कि वे पूरी निष्ठा, समर्पण और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। साथ ही समाज के अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इस प्रकार यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भावना को भी मजबूती देने वाला साबित हुआ। गुरुद्वारा श्री गुरु हरिकिशन साहिब बाला प्रीतम में आयोजित यह कार्यक्रम सिख समाज की समृद्ध परंपराओं और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।