दुर्ग में आबकारी विभाग के खिलाफ हल्ला बोल, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने सौंपा ज्ञापन

दुर्ग में छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने आबकारी विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए विभिन्न अनियमितताओं का आरोप लगाया। मंच ने शराब दुकानों और आहता सेंटरों में नियमों के उल्लंघन, ओवररेटिंग और अवैध शराब बिक्री को लेकर 15 दिन में कार्रवाई की मांग की है।

May 20, 2026 - 19:42
 0  3
दुर्ग में आबकारी विभाग के खिलाफ हल्ला बोल, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA.  रोहितास सिंह भुवाल l छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आबकारी विभाग के खिलाफ छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने बड़ा प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ मंच के पदाधिकारियों ने आबकारी विभाग कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और विभिन्न अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान मंच ने आरोप लगाया कि जिले में शराब दुकानों और आहता सेंटरों में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, लेकिन विभाग कार्रवाई करने के बजाय मौन बना हुआ है।

छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरन लाल साहू ने आरोप लगाया कि जिले के कई आहता सेंटरों में नियमों के विरुद्ध पानी पाउच और डिस्पोजल सामग्री बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। नियमों के अनुसार इस तरह की गतिविधियों पर संबंधित लाइसेंस निरस्त किया जाना चाहिए, लेकिन अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण यह कारोबार लगातार जारी है।

मंच ने यह भी आरोप लगाया कि कई शराब दुकानों में निर्धारित प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब और बियर की बिक्री की जा रही है। ग्राहकों द्वारा विरोध करने पर दुकान के कर्मचारी यह कहकर जवाब देते हैं कि यह अधिकारियों के निर्देश पर हो रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आम लोगों से खुलेआम अधिक राशि वसूली जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रदर्शन के दौरान बिना पार्किंग सुविधा वाले बारों को लाइसेंस जारी किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि नियमों की अनदेखी कर कई स्थानों पर बार संचालित किए जा रहे हैं, जिससे यातायात और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।

इसके अलावा मंच ने आरोप लगाया कि ब्रांडेड शराब को पहले ही बार संचालकों और कोचियों को उपलब्ध करा दिया जाता है, जबकि आम ग्राहकों को उनकी पसंद के बजाय दूसरे नए ब्रांड की शराब खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। कई होटल और ढाबों में भी अवैध रूप से शराब परोसने का आरोप लगाया गया है।

प्रदर्शन के बाद आबकारी विभाग के सहायक आबकारी अधिकारी अशोक अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार ज्ञापन देकर शिकायत की गई थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब संगठन ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

दुर्ग में हुए इस प्रदर्शन के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।