करहीभदर जनसमस्या निवारण शिविर में 5275 आवेदनों का मौके पर निराकरण

बालोद जिले के करहीभदर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के जनसमस्या निवारण शिविर में 19 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर में कुल 5402 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5275 का मौके पर ही निराकरण किया गया। हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया।

May 20, 2026 - 19:52
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करहीभदर जनसमस्या निवारण शिविर में 5275 आवेदनों का मौके पर निराकरण

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l छत्तीसगढ़ के बालोद विकासखंड के ग्राम करहीभदर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों और हितग्राहियों के लिए लाभकारी साबित हुआ। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में करहीभदर क्लस्टर की 19 ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। शासकीय कन्या हाई स्कूल मैदान में आयोजित शिविर में प्रशासन द्वारा विभिन्न योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया गया तथा बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

कार्यक्रम में संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम नूतन कंवर, जनपद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया, जनपद उपाध्यक्ष दिनेश सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर त्वरित समाधान की दिशा में कार्रवाई की।

शिविर के दौरान हितग्राहियों को स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेख वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, नए राशन कार्ड और वृद्धा पेंशन स्वीकृति आदेश भी लाभार्थियों को दिए गए। इसके अलावा दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को श्रवण यंत्र तथा बैटरी चलित ट्रायसायकल प्रदान किए गए। मत्स्य पालन योजना के तहत मछुआरों को जाल और आईस बॉक्स भी वितरित किए गए।

दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए शिविर में मेडिकल बोर्ड भी लगाया गया था, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया और गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट देकर गोदभराई की रस्म भी पूरी की गई। साथ ही बाल विवाह रोकथाम के लिए लोगों को शपथ दिलाकर जागरूकता संदेश दिया गया।

शिविर को संबोधित करते हुए विधायक संगीता सिन्हा ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता से प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 5402 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें महिला एवं बाल विकास विभाग को 325, खाद्य विभाग को 713, श्रम विभाग को 421, विद्युत विभाग को 161 और राजस्व विभाग को 136 आवेदन मिले। प्रशासन ने मौके पर ही 5275 आवेदनों का निराकरण कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई।

उल्लेखनीय है कि शिविर में अमोरा, मुजगहन, जामगांव, करहीभदर, कन्नेवाड़ा, पर्रेगुड़ा, सांकरा, जमरुआ, मटिया, मुल्लेगुड़ा, मालगांव, नर्रा, बरही, चिरईगोड़ी, जगतरा, परसोदा, देवारभाट, लिमोरा और झलमला सहित 19 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। प्रशासन ने इसे ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और योजनाओं के लाभ पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया है।