BRICS मंच से जयशंकर का अमेरिका पर अप्रत्यक्ष हमला, बोले- ‘एकतरफा टैरिफ दुनिया के लिए खतरा’
नई दिल्ली में आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री S. Jaishankar ने एकतरफा टैरिफ और प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। उन्होंने आतंकवाद, पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक असमानताओं पर भी चिंता जताई।
UNITED NEWS OF ASIA. भारत की राजधानी New Delhi में आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। गुरुवार को हुई इस अहम बैठक में उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे एकतरफा टैरिफ और प्रतिबंधों पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की भावना के खिलाफ हैं।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया को ऐसे “एकतरफा दंडात्मक उपायों” और “प्रतिबंधों” के बढ़ते इस्तेमाल पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों पर इन कदमों का सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “अनुचित प्रतिबंध संवाद का विकल्प नहीं हो सकते और दबाव की राजनीति कूटनीति की जगह नहीं ले सकती।”
विदेश मंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में विकासशील देशों के सामने सिर्फ आर्थिक विकास की चुनौती नहीं है, बल्कि बढ़ती असमानताओं और वैश्विक संकटों के बीच अपनी कमजोरियों को संभालना भी बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया को अधिक न्यायसंगत, स्थिर और समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की जरूरत है, जिसके लिए सहयोग और संवाद बेहद जरूरी हैं।
जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता और सीमा पार आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। उन्होंने “जीरो टॉलरेंस” की नीति को वैश्विक स्तर पर लागू करने की जरूरत बताई। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियां और कट्टरपंथी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
बैठक में विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों पर भी चिंता जताई। उन्होंने गाजा, फिलिस्तीन, लेबनान, सीरिया, सूडान, यमन और लीबिया का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में लगातार अस्थिरता वैश्विक शांति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए खतरा बन रही है। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
जयशंकर ने कहा कि तकनीकी प्रगति दुनिया के लिए अवसर लेकर आई है, लेकिन इसके साथ पारदर्शिता, विश्वास और समान पहुंच की चुनौतियां भी सामने आई हैं। उन्होंने डिजिटल डिवाइड को कम करने को साझा वैश्विक प्राथमिकता बताया।
BRICS मंच से भारत का यह संदेश स्पष्ट माना जा रहा है कि नई वैश्विक व्यवस्था में विकासशील देशों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, विदेश मंत्री का यह बयान अमेरिका की व्यापारिक नीतियों और बढ़ते वैश्विक तनावों पर भारत की संतुलित लेकिन सख्त कूटनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।