रायगढ़ पुलिस के दबाव में ऑनलाइन सट्टा का मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई ने किया सरेंडर

रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत लगातार कार्रवाई के दबाव में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

May 14, 2026 - 16:12
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रायगढ़ पुलिस के दबाव में ऑनलाइन सट्टा का मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई ने किया सरेंडर

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले में ऑनलाइन सट्टा और अवैध जुए के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। रायगढ़ पुलिस की लगातार सख्त कार्रवाई, दबिश और तकनीकी जांच से घबराकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई ने आखिरकार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी स्वयं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपराध छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा जताई।

मिली जानकारी के अनुसार आरोपी पिंटू हलवाई पिता कन्हैयालाल हलवाई, उम्र 43 वर्ष, निवासी चांदमारी रायगढ़, लंबे समय से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क संचालित कर रहा था। रायगढ़ पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के चलते आरोपी फरार होकर उत्तराखंड भाग गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन भी नष्ट कर दिया था, लेकिन पुलिस के बढ़ते दबाव और नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों की गिरफ्तारी के बाद उसने आत्मसमर्पण करना ही उचित समझा।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पिंटू हलवाई ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के समक्ष अपराध से तौबा करने और नया जीवन शुरू करने की इच्छा जाहिर की। इस दौरान एसएसपी ने आरोपी को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में वह दोबारा सट्टा, जुआ या किसी भी अवैध कारोबार में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला बदर जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

इसके बाद आरोपी को थाना कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया। थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 237/2026 एवं 238/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 और 7 के अंतर्गत आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी, भतीजे और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क चला रहा था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था और यूपीआई के माध्यम से पैसों का लेन-देन किया जाता था। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 2000 रुपये नकद भी जब्त किए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले थाना साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर इस नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, नोट गिनने की मशीन, महंगे मोबाइल फोन और करीब 2 लाख 69 हजार रुपये नकद बरामद किए थे। इन सभी मामलों में पिंटू हलवाई मुख्य आरोपी के रूप में फरार चल रहा था।

रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” को जिले में अवैध सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जो लोग अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं, उनके लिए सुधार का अवसर खुला है, लेकिन चेतावनी के बावजूद अपराध में लौटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जिले में ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों में डर का माहौल देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।