पीएम मोदी की अपील का असर, महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों-अधिकारियों के विदेश दौरे किए रद्द
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सभी विदेश दौरे रद्द करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकारी खर्चों में कटौती और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। महाराष्ट्र सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के विदेश दौरों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए प्रशासनिक खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन लागू करने पर जोर दिया।
सरकारी सूत्रों के अनुसार राज्य प्रशासन ने मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के सभी प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय दौरे फिलहाल रोक दिए हैं। इनमें प्रशासनिक कार्यों, अध्ययन यात्राओं और अन्य सरकारी उद्देश्यों के लिए निर्धारित विदेश यात्राएं शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम किया जा सकेगा और जनता के बीच मितव्ययिता का संदेश जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दो उच्चस्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन और विदेशी मुद्रा बचत को लेकर दिए गए संदेश के अनुरूप कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सरकार द्वारा लिए गए सबसे अहम फैसलों में मंत्रियों के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या आधी करना शामिल है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बाहरी दौरों के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक वाहन काफिले में शामिल नहीं होने चाहिए। इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।
इसके अलावा राज्य सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया है। मंत्रियों और अधिकारियों को मेट्रो तथा अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया है। सरकार ने शुरुआत में कम से कम सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल का लक्ष्य तय किया है।
बैठकों में यह भी तय किया गया कि अब प्रशासनिक बैठकों के लिए अधिकारियों को बार-बार बुलाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अधिक उपयोग किया जाएगा। इससे यात्रा खर्च और समय दोनों की बचत होगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और कम खर्चीला बनाया जा सकता है।
महाराष्ट्र विधानसभा में विधायकों के जापान दौरे को भी रद्द कर दिया गया है। यह दौरा अध्ययन यात्रा के रूप में प्रस्तावित था। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार के निर्देशों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महाराष्ट्र सरकार का यह कदम केवल खर्चों में कटौती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के बीच सादगी और जवाबदेही का संदेश देने की कोशिश भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नेताओं और अधिकारियों से अनावश्यक यात्राओं और सरकारी खर्चों में कमी लाने की अपील की थी, जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने तेजी से कार्रवाई की।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सुधार और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी इसी तरह के निर्णय देखने को मिल सकते हैं।