ईरान युद्ध संकट पर पीएम नरेंद्र मोदी का राज्यसभा में बयान, कहा– आने वाला समय बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में ईरान युद्ध संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि संघर्ष बढ़ता है तो इसके गंभीर वैश्विक और भारत पर प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने राज्यों से सहयोग और “टीम इंडिया” की भावना से काम करने की अपील की।

Mar 24, 2026 - 18:02
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ईरान युद्ध संकट पर पीएम नरेंद्र मोदी का राज्यसभा में बयान, कहा– आने वाला समय बड़ी परीक्षा

UNITED NEWS OF ASIA. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में ईरान युद्ध संकट और पश्चिम एशिया के हालात पर विस्तार से अपनी बात रखी। लगभग 21 मिनट के संबोधन में उन्होंने वैश्विक तनाव के बढ़ते खतरे और उसके भारत पर संभावित प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव और संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसके व्यापक और गंभीर दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल क्षेत्रीय संकट नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक स्थिरता पर पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाला समय भारत के लिए भी एक बड़ी परीक्षा की घड़ी हो सकता है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने “टीम इंडिया” की भावना को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि देश को एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करना होगा।

उन्होंने अपने संबोधन में यह भी बताया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी संभावित परिस्थितियों के लिए तैयारी की जा रही है। ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा शांति, संवाद और कूटनीति का समर्थन किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि तनाव को बढ़ाने के बजाय समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएं। भारत की विदेश नीति संतुलित और जिम्मेदार रही है, और आगे भी देश वैश्विक शांति के लिए अपना योगदान देता रहेगा।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने लोकसभा में भी लगभग 25 मिनट का संबोधन दिया था, जिसमें उन्होंने इसी मुद्दे पर सरकार की स्थिति स्पष्ट की थी। राज्यसभा में दिए गए उनके ताजा बयान को उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों, व्यापारिक गतिविधियों और वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर सकता है, जिसका सीधा असर भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री के इस संबोधन के बाद संसद में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की संभावना बढ़ गई है। फिलहाल, सरकार हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और देश को संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने का संदेश दे रही है।