आलीराजपुर में महिला पर अत्याचार का मामला: पीड़िता के समर्थन में उतरा नरेंद्र मोदी विचार मंच

मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले में एक महिला के साथ कथित घरेलू हिंसा और अमानवीय प्रताड़ना का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पति, सास और ननद ने राशन मांगने पर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसके हाथ-पैर टूट गए। मामले की जानकारी मिलने पर नरेंद्र मोदी विचार मंच के पदाधिकारी पीड़िता के घर पहुंचे और राहत सामग्री देकर न्याय दिलाने की मांग की।

May 7, 2026 - 17:51
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आलीराजपुर में महिला पर अत्याचार का मामला: पीड़िता के समर्थन में उतरा नरेंद्र मोदी विचार मंच

UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर l मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले में घरेलू हिंसा और महिला प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि प्रजापत समाज की एक महिला को उसके पति, सास और ननद द्वारा बेरहमी से प्रताड़ित किया गया। महिला के साथ कथित रूप से इतनी क्रूर मारपीट की गई कि उसके हाथ-पैर तक टूट गए। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।

बताया जा रहा है कि महिला ने घर में राशन की मांग की थी, जिसके बाद परिवार के लोगों ने उसके साथ विवाद शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि महिला के साथ गंभीर मारपीट की गई। पीड़िता की हालत खराब होने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय सामाजिक संगठनों और लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली।

पीड़िता की दर्दनाक स्थिति की जानकारी मिलने पर नरेंद्र मोदी विचार मंच शाखा आलीराजपुर की महिला पदाधिकारी और सदस्य उसके घर पहुंचे। उन्होंने पीड़िता से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मंच के सदस्यों ने महिला और उसके परिवार को मानसिक संबल देने का प्रयास भी किया।

मंच पदाधिकारियों ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी महिला के साथ इस तरह की अमानवीय घटना समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी अब तक दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। मंच के सदस्यों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई धीमी नजर आ रही है, जिससे पीड़ित परिवार में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

मानवीय पहल के तहत नरेंद्र मोदी विचार मंच की ओर से पीड़ित महिला को राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। मंच सदस्यों ने महिला को कपड़े, राशन किट और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं सौंपीं। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों का कर्तव्य है कि ऐसे कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहें।

मंच के पदाधिकारियों ने प्रशासन और पुलिस विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। उनका कहना है कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो समाज में गलत संदेश जाएगा और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर रोक लगाना मुश्किल हो जाएगा।

इस दौरान रीना भामदारे, पिंकी निंगवाल, शोभना ओंकार, भरत निंगवाल और गोविंद कनेश सहित मंच के कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठाई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा की घटनाओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है। समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा और न्याय मिले। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।