घोटिया में बनेगा नया विद्युत उपकेंद्र, कवर्धा के 8614 उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर बिजली सुविधा

कवर्धा शहर की बढ़ती बिजली जरूरतों को देखते हुए घोटिया स्थित नवीन बस स्टैंड के पास नए 33/11 केव्ही विद्युत उपकेंद्र का भूमिपूजन किया गया। लगभग 2.06 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस उपकेंद्र से शहर के 13 वार्डों और 8614 उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।

May 7, 2026 - 18:51
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घोटिया में बनेगा नया विद्युत उपकेंद्र, कवर्धा के 8614 उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर बिजली सुविधा

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा शहर की लगातार बढ़ती आबादी और विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुए घोटिया स्थित नवीन बस स्टैंड के पास नए 33/11 केव्ही विद्युत उपकेंद्र के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत लगभग 2 करोड़ 6 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस उपकेंद्र का भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस नए उपकेंद्र के निर्माण से शहर की बिजली व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा हजारों उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।

भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा शहर तेजी से विकसित हो रहा है और इसी के अनुरूप विद्युत अधोसंरचना को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद बीते ढाई वर्षों में जिले में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य किए गए हैं। अब तक जिले में चार नए विद्युत उपकेंद्रों का भूमिपूजन किया जा चुका है, जबकि एक और नए उपकेंद्र की तैयारी जारी है।

उन्होंने बताया कि दलदली, सेमो और सरेखा में पहले ही नए उपकेंद्रों की शुरुआत की जा चुकी है और जल्द ही दुबहा क्षेत्र में भी नए सब स्टेशन का भूमिपूजन किया जाएगा। विजय शर्मा ने कहा कि ढाई वर्षों में जिले में पांच नए सब स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे बिजली व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

नए घोटिया विद्युत उपकेंद्र में 5 एमव्हीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही यहां से मेडिकल कॉलेज फीडर, तुलसीनगर फीडर और राजदीप कॉलोनी फीडर सहित तीन नए 11 केव्ही फीडर निकाले जाएंगे। इन फीडरों के माध्यम से मेडिकल कॉलेज, नवीन बस स्टैंड, कृषि महाविद्यालय, तुलसीनगर और राजदीप कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

वर्तमान में कवर्धा शहर की बिजली व्यवस्था दो पावर ट्रांसफार्मरों पर निर्भर है। नए उपकेंद्र के शुरू होने से तीसरा पावर ट्रांसफार्मर शहर की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को कवर करेगा। इससे मौजूदा ट्रांसफार्मरों पर भार कम होगा और लो वोल्टेज, लाइन फाल्ट तथा बार-बार बिजली कटौती जैसी समस्याओं से लोगों को राहत मिलेगी।

विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए उपकेंद्र के शुरू होने के बाद लोहारा नाका स्थित उपकेंद्र का कुछ भार यहां स्थानांतरित किया जाएगा। इससे दशरंगपुर, टाउन-1 और रामनगर फीडरों पर दबाव कम होगा। साथ ही 11 केव्ही फीडरों की लंबाई कम होने से अंतिम छोर तक भी पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली पहुंच सकेगी।

इस परियोजना का सीधा लाभ कवर्धा शहर के लगभग 8614 उपभोक्ताओं को मिलेगा। बेहतर बिजली व्यवस्था से आम नागरिकों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और तेजी से विकसित हो रहे नए क्षेत्रों को भी सुविधा मिलेगी। खासतौर पर लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या झेल रहे इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए और नवंबर 2026 तक इस उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति शुरू करने का लक्ष्य रखा जाए। यह परियोजना कवर्धा शहर की विद्युत व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।