हैदराबाद में 25 टन मिलावटी मसाले जब्त, खाद्य मिलावट मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज

हैदराबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर 25 टन से अधिक मिलावटी मसाले जब्त किए। मसालों में सिंथेटिक रंग, कपड़ों की डाई और टैल्कम पाउडर मिलाने का खुलासा हुआ। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

Aug 5, 2026 - 16:03
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हैदराबाद में 25 टन मिलावटी मसाले जब्त, खाद्य मिलावट मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज

UNITED NEWS OF ASIA. हैदराबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 टन से अधिक मिलावटी मसाले जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि कुछ कारोबारी मसालों में सिंथेटिक रंग, कपड़ों में इस्तेमाल होने वाली डाई और टैल्कम पाउडर जैसे हानिकारक पदार्थ मिलाकर उन्हें बाजार में बेच रहे थे। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित 13 मसाला ट्रेडिंग और प्रोसेसिंग इकाइयों पर छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि खराब गुणवत्ता वाली और रिजेक्ट की गई सरसों को रासायनिक पदार्थों तथा तेल के साथ मिलाकर दोबारा बिक्री के लिए तैयार किया जा रहा था। वहीं लौंग और शाही जीरा को आकर्षक दिखाने के लिए उन पर सिंथेटिक रंग चढ़ाया जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 25 टन से अधिक मिलावटी मसाले और लगभग 89 टन कच्चा माल जब्त किया। जब्त सामग्री में सरसों, मेथी और तिल के बीज भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इन खाद्य पदार्थों की प्रोसेसिंग खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत की जा रही थी, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था।

पुलिस ने इस मामले में राहुल भाटी, विशाल पंवार और दुलीचंद कच्छावा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के उल्लंघन के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि खाद्य मिलावट के मामले में पहली बार इस प्रकार की गंभीर धारा का उपयोग किया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से मिलावटी मसालों की बिक्री को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उपभोक्ताओं को धोखा देने के लिए मसालों की गलत लेबलिंग की जा रही थी और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद बताकर बाजार में बेचा जा रहा था।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल प्रमाणित और विश्वसनीय ब्रांड के खाद्य उत्पाद ही खरीदें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को दें। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।