बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव का शुभारंभ, सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन कार्यक्रम शुरू

नया रायपुर में चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत की। तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में 500 से अधिक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय विशेषज्ञों और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने कैंसर उपचार, रोकथाम, शोध और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की।

Sep 19, 2026 - 16:58
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बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव का शुभारंभ, सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन कार्यक्रम शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की इकाई बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) द्वारा चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव का शुभारंभ नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में हुआ। 18 से 20 सितंबर तक आयोजित तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में देश-विदेश के कैंसर विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस वर्ष कॉन्क्लेव की थीम ‘कैंसर उपचार में संतुलन की पुनर्स्थापना’ रखी गई है, जिसमें कैंसर उपचार के साथ रोकथाम, शुरुआती पहचान, मरीज-केंद्रित सेवाओं और उपचार की सुलभता पर चर्चा की जा रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान से जुड़े प्रयासों को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम संभव है और छत्तीसगढ़ को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने के प्रयासों के साथ देश में इस दिशा में चल रहे व्यापक अभियान को गति देने का संकल्प है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि देश और दुनिया के प्रमुख कैंसर विशेषज्ञों का रायपुर में एक साथ आना उत्साहजनक है। कॉन्क्लेव में स्तन, स्त्री रोग संबंधी और मूत्र-जनन तंत्र के कैंसर के उपचार में विभिन्न विकल्पों और वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर निर्णय लेने पर विशेष चर्चा की गई। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के साथ मरीज की जरूरतों, उपचार की किफायती पहुंच, रोकथाम और समान स्वास्थ्य अवसरों को भी चर्चा का हिस्सा बनाया गया।

बीएमसी ने एकैन्सर, टाटा मेमोरियल सेंटर और नेशनल कैंसर ग्रिड के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में 20 से अधिक विशेषज्ञ पैनल चर्चाएं, सजीव सर्जिकल प्रदर्शन और व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित कीं। आयोजकों के अनुसार, कॉन्क्लेव में 500 से अधिक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय विशेषज्ञों तथा 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों सहित सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए।

कैंसर उपचार के क्षेत्र में योगदान के लिए बीएमसी ने वेदावती अग्रवाल ऑरेशन अवॉर्ड से डॉ. रवि कन्नन को सम्मानित किया। उन्हें टिकाऊ और समान अवसर वाली कैंसर देखभाल तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने में योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। यह सम्मान वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की चेयरपर्सन ज्योति अग्रवाल ने अपनी माता और वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की माता स्वर्गीय वेदावती अग्रवाल की स्मृति में शुरू किया है।

बीएमसी की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने कहा कि कैंसर की रोकथाम बीमारी के बोझ को कम करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि केवल भौगोलिक दूरी के कारण किसी मरीज की गुणवत्तापूर्ण उपचार तक पहुंच प्रभावित नहीं होनी चाहिए। बीएमसी का उद्देश्य मध्य भारत में ऐसी व्यापक कैंसर देखभाल व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें मरीजों को अपने घर के करीब रोकथाम, जांच, निदान, उपचार, पुनर्वास और सहायक सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

कॉन्क्लेव में महिलाओं में होने वाले कैंसर की रोकथाम और उपचार पर भी विशेष जोर दिया गया। बीएमसी की ओर से एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रमों और सुलभ स्व-जांच विधियों के जरिए सरकारी पहलों को सहयोग देने की जानकारी दी गई। साथ ही, उन्नत इंटरस्टिशियल ब्रैकीथेरेपी के जरिए सर्वाइकल कैंसर के उन्नत मामलों के उपचार में बेहतर परिणाम हासिल करने की दिशा में काम किए जाने की बात कही गई।

महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बीएमसी के नए स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक की जानकारी भी दी गई, जिसे महिला कैंसर विशेषज्ञों द्वारा संचालित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य महिलाओं को जांच और परामर्श के लिए सहज तथा सहयोगपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है।

बीएमसी के कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. दिवाकर पांडे ने स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कैंसर शोध के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदायों की जरूरतों से जुड़े शोध से प्रभावी, किफायती और क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप रोकथाम तथा उपचार रणनीतियां विकसित करने में मदद मिल सकती है।

कॉन्क्लेव में वूमेन फॉर ऑन्कोलॉजी का आयोजन भी किया गया, जिसका उद्देश्य महिला कैंसर विशेषज्ञों के बीच सहयोग, मार्गदर्शन और नेतृत्व को बढ़ावा देना है। इसके अलावा ‘कैनवास फॉर ए लाइफ’ कला एवं विरासत प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसके माध्यम से बीएमसी चैरिटेबल फंड के लिए सहयोग जुटाने का प्रयास किया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों को उपचार, जांच, पोषण, आवास और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। कॉन्क्लेव का समापन कैंसर की रोकथाम को जनस्वास्थ्य की प्राथमिकता बनाने के संकल्प के साथ हुआ।