बालोद में राजस्व पखवाड़ा जारी, गांव-गांव लग रहे शिविरों में हो रहा समस्याओं का त्वरित निराकरण
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UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार बालोद जिले में ‘राजस्व पखवाड़ा’ का आयोजन निरंतर जारी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता की राजस्व संबंधी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। इसके तहत जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्धारित तिथियों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है।
08 अप्रैल को जिले के सभी विकासखंडों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत शिविर लगाए गए। इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। प्रशासनिक अधिकारियों और राजस्व अमले ने मौके पर ही प्रकरणों का निराकरण कर लोगों को राहत प्रदान की।
राजस्व पखवाड़ा के दौरान अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, व्यपवर्तन, वृक्ष कटाई, नक्शा बटांकन, फौती नामांतरण, बटवारा और अभिलेखों में त्रुटि सुधार जैसे विभिन्न प्रकार के राजस्व मामलों का निपटारा किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को लंबे समय से लंबित मामलों में तेजी से राहत मिल रही है।
इस पहल को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग सुबह से ही अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ शिविर स्थल पर पहुंचकर आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रशासन की यह कोशिश है कि अधिक से अधिक प्रकरणों का निपटारा मौके पर ही किया जाए, जिससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
राजस्व पखवाड़ा के तहत गुरुवार 09 अप्रैल 2026 को भी जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत बालोद तहसील के ग्राम पंचायत उमरादाह, जमरूवा और लिमोरा, डौण्डीलोहारा तहसील के ग्राम पंचायत सेम्हरडीह, बैहाकुआ, मंगचुवा, कमकापार, अरजपुरी, चिखली और पिंगाल, डौण्डी तहसील के ग्राम पंचायत सुवरबोड़ तथा अर्जुंदा तहसील के ग्राम पंचायत ओड़ारसकरी और कमरौद में शिविर लगाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि ‘राजस्व पखवाड़ा’ का आयोजन अप्रैल से जून 2026 तक तीन चरणों में किया जा रहा है। पहला चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, दूसरा चरण 04 मई से 18 मई और तीसरा चरण 01 जून से 15 जून तक आयोजित होगा।
जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शिविरों में उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनें और उनका शीघ्र निराकरण करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रक्रिया पारदर्शी और सरल हो, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बालोद जिले में चल रहा यह राजस्व पखवाड़ा ग्रामीणों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रहा है और प्रशासन की जनहितकारी पहल के रूप में इसे सराहा जा रहा है।