पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम, आम जनता पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 86 पैसे और डीजल में 83 पैसे प्रति लीटर तक इजाफा किया है। पांच दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे महंगाई और घरेलू बजट पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

May 19, 2026 - 18:24
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पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम, आम जनता पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ

UNITED NEWS OF ASIA. देशभर में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी है। मंगलवार से पेट्रोल करीब 86 पैसे और डीजल 83 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। खास बात यह है कि पिछले पांच दिनों में यह दूसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। अब कुल मिलाकर पांच दिनों में ईंधन करीब 4 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।

नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपए प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं मुंबई में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 107.59 रुपए और डीजल 94.08 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। कोलकाता में पेट्रोल 109.70 रुपए और डीजल 96.07 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया है। चेन्नई में पेट्रोल 104.49 रुपए और डीजल 96.11 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। जयपुर में भी पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी के बाद कीमतें क्रमशः 108.84 रुपए और 94.12 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर फल, सब्जियां, दूध, राशन और अन्य रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर दिखाई देगा। माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में खुदरा महंगाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें 100 से 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ने का सीधा असर देश के ईंधन बाजार पर पड़ता है।

सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनियों को रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपए तक का नुकसान हो रहा था, जिसकी भरपाई के लिए अब धीरे-धीरे कीमतों में इजाफा किया जा रहा है।

इधर दिल्ली और आसपास के इलाकों में CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी जारी है। पिछले 72 घंटों में CNG के दाम दो बार बढ़ चुके हैं। 15 मई को 2 रुपए और 17 मई को 1 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद दिल्ली में CNG की कीमत पहली बार 80 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गई है।

लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में इसका असर घरेलू बजट और बाजार दोनों पर साफ दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है।