अडानी ग्रुप और अमेरिका के बीच हुआ समझौता, अब इन शेयरों पर निवेशकों की बढ़ी नजर
अडानी ग्रुप ने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के साथ बड़ा समझौता किया है। LPG आयात से जुड़े मामले में कंपनी 275 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगी। इस खबर के बाद अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन और अडानी पावर जैसे शेयरों पर निवेशकों की नजरें टिक गई हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अडानी ग्रुप एक बार फिर शेयर बाजार में चर्चा का केंद्र बन गया है। अमेरिका के साथ हुए एक बड़े समझौते के बाद निवेशकों की नजर अब अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर टिक गई है। मंगलवार को अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी पावर जैसे शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। माना जा रहा है कि इस समझौते का असर आने वाले कारोबारी सत्रों में शेयर बाजार पर साफ दिखाई देगा।
अडानी ग्रुप ने एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए जानकारी दी है कि उसने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल यानी OFAC के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। यह मामला ईरान से जुड़े LPG यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस आयात से संबंधित था। रिपोर्ट्स के अनुसार जांच में कुछ ऐसे लेन-देन की जांच की जा रही थी, जिनका संबंध अमेरिकी प्रतिबंध नियमों के दायरे से जुड़ा माना जा रहा था।
कंपनी ने बताया कि उसने जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया और अपनी तरफ से कई जानकारियां स्वेच्छा से साझा कीं। इसी सहयोग के चलते दोनों पक्षों के बीच समझौते का रास्ता साफ हुआ। अडानी एंटरप्राइजेज के मुताबिक OFAC ने 18 मई 2026 को जारी एक एनफोर्समेंट रिलीज के जरिए इस समझौते को सार्वजनिक किया।
समझौते के तहत अडानी ग्रुप को 275 मिलियन डॉलर की राशि का भुगतान करना होगा। हालांकि यह रकम काफी बड़ी मानी जा रही है, लेकिन कंपनी ने कहा कि यह संभावित अधिकतम जुर्माने से काफी कम है। जानकारी के अनुसार अधिकतम वैधानिक जुर्माना करीब 384.20 मिलियन डॉलर तक हो सकता था।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले पांच वर्षों में उसके खिलाफ OFAC की ओर से कोई जुर्माने का नोटिस या उल्लंघन संबंधी निष्कर्ष जारी नहीं किया गया था। कंपनी का कहना है कि उसकी पारदर्शिता और जांच में सहयोग के कारण अंतिम समझौते में उसे राहत मिली।
यह पूरा मामला नवंबर 2023 से जून 2025 के बीच किए गए LPG आयात से जुड़ा था। हालांकि कंपनी ने यह भी कहा कि उसका LPG कारोबार अभी शुरुआती स्तर पर है और वित्त वर्ष 2025 में उसकी कुल कमाई में इस कारोबार की हिस्सेदारी 1.5 प्रतिशत से भी कम थी।
इसी बीच अडानी ग्रीन एनर्जी ने भी जानकारी दी कि कंपनी खुद इस कानूनी कार्रवाई का हिस्सा नहीं है और उस पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है। हालांकि गौतम अडानी और सागर अडानी ने अमेरिकी SEC की सिविल शिकायत से जुड़े मामले में अंतिम फैसले पर सहमति जताई है। समझौते के तहत गौतम अडानी 6 मिलियन डॉलर और सागर अडानी 12 मिलियन डॉलर की सिविल पेनल्टी का भुगतान करेंगे।
अब बाजार विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि इस समझौते के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में कितना सुधार देखने को मिलता है। कई निवेशकों को उम्मीद है कि कानूनी अनिश्चितता कम होने के बाद समूह के शेयरों में तेजी आ सकती है।