दिल्ली में 8 लाख महिलाओं ने बनवाया पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड, जुलाई से बदल सकती है मुफ्त बस यात्रा व्यवस्था

दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए शुरू किए गए ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ को तेजी से अपनाया जा रहा है। अब तक करीब 8 लाख लोग यह कार्ड बनवा चुके हैं। दिल्ली सरकार जुलाई से पिंक टिकट व्यवस्था खत्म कर पूरी तरह स्मार्ट कार्ड आधारित मुफ्त बस यात्रा प्रणाली लागू कर सकती है।

May 19, 2026 - 19:05
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दिल्ली में 8 लाख महिलाओं ने बनवाया पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड, जुलाई से बदल सकती है मुफ्त बस यात्रा व्यवस्था

UNITED NEWS OF ASIA. राजधानी दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए शुरू की गई ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। दिल्ली सरकार की इस पहल को अब तक करीब 8 लाख महिलाएं अपना चुकी हैं। यह कार्ड DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के लिए शुरू किया गया है और इसे सार्वजनिक परिवहन को डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार दिल्ली सरकार जुलाई 2026 से मौजूदा पिंक टिकट व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर सकती है। इसके स्थान पर ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ प्रणाली लागू की जाएगी। हालांकि तब तक महिलाएं और ट्रांसजेंडर यात्री बसों में पिंक टिकट के जरिए मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बस यात्रा पूरी तरह स्मार्ट कार्ड आधारित हो जाएगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ सिर्फ मुफ्त यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं को डिजिटल पहचान और सम्मानजनक सफर देने वाला प्लेटफॉर्म भी है। उनका कहना है कि जब सार्वजनिक परिवहन सुरक्षित और सुलभ होता है, तब महिलाओं के लिए शिक्षा, नौकरी और अन्य अवसरों तक पहुंच आसान हो जाती है।

सरकार ने कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए दिल्ली के विभिन्न रिहायशी इलाकों और सरकारी कार्यालयों में विशेष कैंप लगाए हैं। इन कैंपों के जरिए ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा DTC की ओर से राजधानी में 58 नामित सेंटर भी बनाए गए हैं, जहां यह कार्ड पूरी तरह मुफ्त में जारी किया जा रहा है।

इस योजना के तहत 12 साल से अधिक उम्र की लड़कियां और पात्र महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर जरूरी है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्मार्ट कार्ड जारी किया जाता है। सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था यात्रा को आसान बनाने के साथ-साथ डिजिटल ट्रैकिंग और पारदर्शिता को भी मजबूत करेगी।

दिल्ली सरकार ने इस योजना की शुरुआत 2 मार्च 2026 को की थी। इसके तहत पुराने पिंक पेपर टिकट सिस्टम को धीरे-धीरे ‘पिंक NCMC कार्ड’ से बदला जा रहा है। यह कदम केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ योजना के अनुरूप उठाया गया है। नई व्यवस्था के बाद केवल दिल्ली की निवासी महिलाएं ही DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगी।

सरकार के अनुसार यह कार्ड केवल बसों तक सीमित नहीं रहेगा। महिलाएं इसी कार्ड का उपयोग मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी कर सकेंगी। हालांकि उन सेवाओं के लिए कार्ड को रिचार्ज करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि एकीकृत परिवहन प्रणाली से यात्रियों को अलग-अलग टिकट या कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यात्रा अनुभव पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक होगा।

दिल्ली सरकार का मानना है कि ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और आधुनिक परिवहन सुविधा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।