दिल्ली में हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़, करोड़ों की वसूली करने वाली महिला सहित दो गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हनीट्रैप के जरिए करोड़ों रुपये की वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। दरियागंज की एक महिला और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है।

Mar 26, 2026 - 17:11
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दिल्ली में हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़, करोड़ों की वसूली करने वाली महिला सहित दो गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA.  नई दिल्ली। राजधानी में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हनीट्रैप के जरिए करोड़ों रुपये की वसूली करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दरियागंज क्षेत्र की 44 वर्षीय महिला और उसके सहयोगी यशदेव सिंह चौहान को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके खिलाफ झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराती थी। इसके बाद गिरोह के सदस्य पीड़ितों पर दबाव बनाकर उनसे बड़ी रकम की वसूली करते थे। इस तरह यह गैंग लंबे समय से लोगों को ब्लैकमेल कर आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहा था।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी महिला अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर टारगेट चुनती थी और फिर उन्हें फंसाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाती थी। एक बार व्यक्ति फंस जाता, तो उसके खिलाफ फर्जी शिकायत दर्ज कराई जाती और गिरफ्तारी या बदनामी का डर दिखाकर पैसे की मांग की जाती थी।

क्राइम ब्रांच को इस गिरोह के बारे में कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। तकनीकी निगरानी और गोपनीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और सही समय पर कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और अब तक कितने लोगों को इसका शिकार बनाया गया है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की वसूली की बात सामने आई है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह के तार अन्य राज्यों या बड़े नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।

इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे कई संभावित पीड़ितों को राहत मिली है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें और किसी के दबाव में आकर पैसे न दें।

यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि हनीट्रैप जैसे अपराध किस तरह संगठित रूप लेकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहना और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।