खरसिया में नाली निर्माण पर उठे भ्रष्टाचार के सवाल, पहली बारिश में ध्वस्त हुआ निर्माण कार्य

रायगढ़ जिले के खरसिया में नाली निर्माण कार्य को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। राठौर चौक से रायगढ़ चौक तक बने नाले पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके बाद निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

May 11, 2026 - 17:41
May 11, 2026 - 18:08
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खरसिया में नाली निर्माण पर उठे भ्रष्टाचार के सवाल, पहली बारिश में ध्वस्त हुआ निर्माण कार्य

UNITED NEWS OF ASIA. महेन्द्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले का खरसिया विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह राजनीतिक नहीं बल्कि विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवाल हैं। राठौर चौक से रायगढ़ चौक तक बनाए गए नाली निर्माण कार्य पर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दावा किया जा रहा है कि लाखों रुपये की लागत से बना नाला पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

खरसिया विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है। वहीं हाल ही में नगर सरकार में भाजपा ने अपनी जगह बनाई है। ऐसे में स्थानीय राजनीति के बीच विकास कार्यों को लेकर जिम्मेदारी और जवाबदेही का मुद्दा भी गर्माने लगा है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नाली निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य जल्दबाजी और बिना गुणवत्ता मानकों के पूरा किया गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि गर्मी के मौसम में हुई पहली बारिश में ही नाली का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। कई जगहों पर नाला मिट्टी के ढेर में तब्दील होता दिखाई दिया।

नागरिकों का कहना है कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारी और ठेकेदार मिलकर योजनाओं की गुणवत्ता खराब कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्यों की सही मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब निर्माण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब थी तो संबंधित विभाग के अधिकारियों ने समय रहते जांच क्यों नहीं की। वहीं निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार पर अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से भी लोगों में नाराजगी है।

मामले को लेकर विपक्ष की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि जनता के पैसे से हो रहे कार्यों में अनियमितता सामने आ रही है तो जनप्रतिनिधियों को खुलकर सामने आना चाहिए। लेकिन इस पूरे मामले में विपक्ष का मौन रहना भी कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों का कहना है कि खराब निर्माण कार्य का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। बारिश के दौरान जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ने लगी है। लोगों का आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, जबकि जनता को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता सबसे जरूरी होती है। यदि शुरुआती बारिश में ही नाली ध्वस्त हो रही है तो यह निर्माण प्रक्रिया और निगरानी दोनों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

फिलहाल स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जनता का कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदारों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भ्रष्टाचार का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और नुकसान आखिरकार आम नागरिकों को ही उठाना पड़ेगा।