अशोकनगर अस्पताल में निरीक्षण से पहले छिड़का गया रूम फ्रेशनर, मंत्री दौरे का वीडियो वायरल

मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिला अस्पताल में प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला के निरीक्षण से पहले कर्मचारियों द्वारा रूम फ्रेशनर छिड़कने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था और दिखावटी निरीक्षण पर सवाल उठाए हैं।

May 11, 2026 - 14:00
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अशोकनगर अस्पताल में निरीक्षण से पहले छिड़का गया रूम फ्रेशनर, मंत्री दौरे का वीडियो वायरल

UNITED NEWS OF ASIA. मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अशोकनगर जिला अस्पताल से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति और दिखावटी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। मामला उस समय का है जब जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला अस्पताल के औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण से पहले कर्मचारियों द्वारा अस्पताल परिसर में रूम फ्रेशनर छिड़कने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस ने इसे “सिस्टम की सच्चाई” बताते हुए कहा कि अस्पतालों की वास्तविक समस्याएं दूर करने के बजाय केवल उन्हें छिपाने की कोशिश की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला अस्पताल की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने अशोकनगर जिला अस्पताल पहुंचे थे। मंत्री के दौरे की सूचना पहले से मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन और कर्मचारी तैयारियों में जुट गए। इसी दौरान अस्पताल में मौजूद बदबू को छिपाने के लिए कर्मचारियों ने जगह-जगह रूम फ्रेशनर और स्प्रे का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि कर्मचारियों को डर था कि अस्पताल की खराब साफ-सफाई और दुर्गंध मंत्री के सामने उजागर न हो जाए। इसलिए निरीक्षण से ठीक पहले पूरे परिसर में सुगंधित स्प्रे छिड़का गया। इस दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो में कुछ कर्मचारी मंत्री के आगे-आगे चलते हुए स्प्रे करते नजर आ रहे हैं, जबकि प्रभारी मंत्री निरीक्षण करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने लिखा कि “मरीज बदबू झेलते रहें, लेकिन मंत्री जी के लिए फूलों जैसी खुशबू छिड़की जाएगी।” पार्टी ने आरोप लगाया कि अस्पतालों की बदहाल स्थिति सुधारने के बजाय केवल दिखावा किया जा रहा है।

विपक्ष का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को साफ-सफाई, दवाइयों और बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन केवल वीआईपी दौरों के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर दिखाने में लगा रहता है। कांग्रेस ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की “नाकामी छिपाने की कोशिश” बताया है।

हालांकि, इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन या प्रभारी मंत्री की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी अस्पताल में निरीक्षण से पहले अस्थायी तौर पर व्यवस्थाएं सुधारने या वास्तविक स्थिति छिपाने के आरोप लगे हों। इससे पहले भी कई जिलों से ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां वीआईपी दौरे से पहले सफाई और व्यवस्था का दिखावा किया गया।

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं।