थलापति विजय को सुपरस्टार बनाने वाले प्रोड्यूसर आरपी चौधरी का निधन, संघर्ष के दौर में दिया था बड़ा ब्रेक

साउथ फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज प्रोड्यूसर और Super Good Films के संस्थापक आरपी चौधरी का सड़क हादसे में निधन हो गया। आरपी चौधरी वही निर्माता थे जिन्होंने थलापति विजय के संघर्ष भरे शुरुआती दौर में उन्हें बड़ा मौका दिया और फिल्म ‘Poove Unakkaga’ के जरिए उनके करियर को नई दिशा दी।

May 11, 2026 - 13:47
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थलापति विजय को सुपरस्टार बनाने वाले प्रोड्यूसर आरपी चौधरी का निधन, संघर्ष के दौर में दिया था बड़ा ब्रेक

UNITED NEWS OF ASIA. साउथ फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर निर्माता और Super Good Films के संस्थापक आरपी चौधरी का सड़क हादसे में निधन हो गया। उनके निधन से टॉलीवुड और कॉलीवुड में शोक की लहर है। फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों और निर्देशकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। आरपी चौधरी सिर्फ एक सफल प्रोड्यूसर ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने कई कलाकारों के करियर को नई दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाई थी। इनमें सबसे बड़ा नाम तमिल सुपरस्टार थलापति विजय का है।

आज विजय साउथ सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते हैं। उनकी फिल्मों का फैंस बेस बेहद विशाल है और उनकी हर रिलीज त्योहार की तरह मनाई जाती है। हाल ही में राजनीति में भी उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की है और तमिलनाडु की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई है। लेकिन विजय का शुरुआती सफर इतना आसान नहीं था।

अपने पिता एस. ए. चंद्रशेखर के निर्देशन में फिल्मों में आने के बावजूद विजय को शुरुआती दौर में कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। उनकी शुरुआती फिल्में बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर पाईं और उन्हें एक बड़े स्टार के रूप में पहचान बनाने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा।

इसी कठिन दौर में आरपी चौधरी उनके लिए उम्मीद बनकर सामने आए। उन्होंने निर्देशक विक्रमन की कहानी पर भरोसा जताते हुए 1996 में फिल्म ‘Poove Unakkaga’ का निर्माण किया। उस समय विजय का बड़ा स्टारडम नहीं था और न ही उनका कोई मजबूत फैन बेस था। लेकिन इस फिल्म ने सब कुछ बदल दिया।

‘Poove Unakkaga’ रिलीज होते ही बड़ी हिट साबित हुई और विजय को एक पारिवारिक और रोमांटिक हीरो के रूप में नई पहचान मिली। दर्शकों ने फिल्म को भरपूर प्यार दिया और विजय रातोंरात लोकप्रिय हो गए। इस फिल्म ने उन्हें तमिल सिनेमा में मजबूत जगह दिलाई और उनका करियर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने लगा।

फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका कई भाषाओं में रीमेक बनाया गया। तेलुगू में यह फिल्म ‘Subhakankshalu’ नाम से बनी, जिसमें जगपति बाबू मुख्य भूमिका में नजर आए। वहीं कन्नड़ भाषा में ‘Ee Hrudaya Ninagagi’ भी सफल रही। बाद में हिंदी में इसका रूपांतरण ‘बधाई हो बधाई’ के नाम से बनाया गया, जिसमें अनिल कपूर ने अभिनय किया।

आरपी चौधरी और विजय की जोड़ी आगे भी कई सफल फिल्मों में साथ नजर आई। 1999 में आई ‘Thulladha Manamum Thullum’ ने विजय के करियर को और मजबूती दी। इस फिल्म में विजय के भावुक अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा और यह फिल्म कॉलीवुड की बड़ी हिट साबित हुई।

फिल्म इंडस्ट्री में आरपी चौधरी को एक ऐसे निर्माता के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने कंटेंट और टैलेंट पर भरोसा किया। उन्होंने कई नए कलाकारों और निर्देशकों को अवसर देकर साउथ सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उनके निधन से फिल्म जगत ने एक दूरदर्शी निर्माता और प्रतिभाओं को पहचानने वाले अनुभवी फिल्मकार को खो दिया है। वहीं थलापति विजय के करियर में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।A