पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी: मल्लिकार्जुन खरगे को चुनाव आयोग का नोटिस, 24 घंटे में जवाब तलब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे को चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

Apr 22, 2026 - 19:27
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पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी: मल्लिकार्जुन खरगे को चुनाव आयोग का नोटिस, 24 घंटे में जवाब तलब

UNITED NEWS OF ASIA. देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी के चलते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए खरगे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनसे 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब मल्लिकार्जुन खरगे ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने विपक्षी दल AIADMK की आलोचना करते हुए पीएम मोदी को आतंकवादी कह दिया, जिसके बाद यह बयान तेजी से राजनीतिक मुद्दा बन गया।

इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे प्रधानमंत्री के साथ-साथ देश के नागरिकों का अपमान बताया। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल—जिसमें निर्मला सीतारमण, किरण रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे—ने चुनाव आयोग से शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की।

शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और कांग्रेस अध्यक्ष को नोटिस जारी कर दिया। आयोग ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां चुनाव आचार संहिता और राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ हैं, इसलिए इस पर स्पष्टीकरण जरूरी है।

हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान पर सफाई भी दी थी, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के बयान न केवल विवाद को जन्म देते हैं, बल्कि जनमत को भी प्रभावित कर सकते हैं।

इस घटनाक्रम से एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि चुनावी राजनीति में भाषा और बयानबाजी की मर्यादा कितनी जरूरी है। चुनाव आयोग की इस कार्रवाई को चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मल्लिकार्जुन खरगे आयोग को क्या जवाब देते हैं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

कुल मिलाकर, यह विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकता है, खासकर चुनावी परिदृश्य में।