भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, कुछ ही हफ्तों में हो सकती है बड़ी घोषणा

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जहां 99 प्रतिशत बातचीत पूरी होने की बात कही है, वहीं भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी संकेत दिए हैं कि शेष मुद्दों के समाधान के बाद आने वाले कुछ हफ्तों में समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

Jun 4, 2026 - 14:31
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, कुछ ही हफ्तों में हो सकती है बड़ी घोषणा

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता अब अपने अंतिम चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी शेष मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार चर्चा कर रहे हैं और संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले कुछ हफ्तों में इस महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर लगभग 99 प्रतिशत बातचीत पूरी हो चुकी है। उनके अनुसार अब केवल कुछ छोटे और तकनीकी मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है, जिनके समाधान के लिए दोनों पक्ष लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि समझौते के पहले चरण पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।

पीयूष गोयल के इस बयान की पुष्टि करते हुए भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा है कि दोनों देशों के बीच केवल एक प्रतिशत ऐसे मुद्दे शेष हैं, जिन पर अंतिम सहमति बननी बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया वर्षों नहीं बल्कि कुछ ही हफ्तों में पूरी हो सकती है। गोर ने कहा कि समझौते का व्यापक ढांचा पहले ही तैयार किया जा चुका है और अब वार्ताकार शेष बचे बिंदुओं को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

इस समय नई दिल्ली में दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठकें जारी हैं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारत की ओर से वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन वार्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। तीन दिवसीय बैठक के दौरान व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने पर चर्चा की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता तय समय में पूरा हो जाता है तो इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में अधिक अवसर मिल सकते हैं, जबकि अमेरिकी कंपनियों को भी भारत में कारोबार विस्तार का लाभ मिलेगा। इससे आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खुलने की संभावना है।

हालांकि व्यापार समझौते की चर्चा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित नए टैरिफ प्लान ने कुछ चिंताएं भी बढ़ाई हैं। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका कई देशों, जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं, पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि प्रस्तावित टैरिफ किसी एक देश को लक्ष्य बनाकर नहीं लाए जा रहे हैं और इनका उद्देश्य व्यापक व्यापार नीति के तहत संतुलन स्थापित करना है।

भारत और अमेरिका के बीच यह व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है। यदि शेष मुद्दों पर सहमति बन जाती है, तो आने वाले कुछ हफ्तों में इस समझौते की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है। इससे वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारत की भूमिका और अधिक मजबूत हो सकती है तथा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी नया आयाम मिलेगा।