दिल्ली में CJP का संसद मार्च शुरू, चंद्रशेखर आजाद और सोनम वांगचुक की पत्नी भी शामिल
दिल्ली में CJP का 'चलो संसद' मार्च शुरू हो गया। प्रदर्शन में सांसद चंद्रशेखर आजाद और सोनम वांगचुक की पत्नी भी शामिल हुईं। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली में संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च की शुरुआत हो गई। जंतर-मंतर से शुरू हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। संगठन का कहना है कि यह मार्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया है। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
मार्च शुरू होने से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शांतिपूर्ण और अनुशासित आंदोलन की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था भंग करने वाली गतिविधि से आंदोलन को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने और संयम बनाए रखने का आग्रह किया।
इस प्रदर्शन को उस समय और अधिक राजनीतिक महत्व मिला जब आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल हुए। उन्होंने युवाओं के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि वह छात्रों और युवाओं की आवाज़ बनने के लिए इस संघर्ष में शामिल हुए हैं। उनके अनुसार, देश के युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
प्रदर्शन स्थल पर सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी भी पहुंचीं और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है और उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रशासन की ओर से सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रस्ताव सामने नहीं आया है।
उधर, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए नई दिल्ली जिले में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक भारी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और संवेदनशील इलाकों में आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने बताया कि संसद मार्च के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए किसी भी अनधिकृत रैली को हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
CJP का दावा है कि पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा है और आगे भी संसद मार्च लोकतांत्रिक एवं अहिंसक तरीके से जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि देशभर से बड़ी संख्या में छात्र, युवा और समर्थक इस आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।