CJP Protest Delhi: बैरिकेडिंग के बावजूद CJP का ऐलान, 'संसद मार्च होकर रहेगा'

दिल्ली में CJP के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने अनुमति नहीं होने की बात कही है, जबकि CJP ने बैरिकेडिंग के बावजूद संसद मार्च निकालने का ऐलान किया है।

Jul 20, 2026 - 11:21
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CJP Protest Delhi: बैरिकेडिंग के बावजूद CJP का ऐलान, 'संसद मार्च होकर रहेगा'

UNITED NEWS OF ASIA. संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत के साथ सोमवार को राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इसके बावजूद CJP ने स्पष्ट किया है कि उनका संसद मार्च हर हाल में निकाला जाएगा।

CJP पिछले 20 जून से जंतर-मंतर पर कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। संगठन ने संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन इस आंदोलन को और तेज करते हुए 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया है।

मार्च से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आंदोलन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था से दूर रहना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मार्च होगा और देशभर से बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।

अभिजीत दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से जारी आंदोलन लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी गलत गतिविधि से पूरे आंदोलन की छवि प्रभावित हो सकती है।

इधर, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि CJP ने संसद मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली है। पुलिस के अनुसार संसद भवन और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को देखते हुए जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनधिकृत मार्च को हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ सहित पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इन स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक लगा दी गई है, जबकि अन्य रूटों पर मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

इस बीच सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग खारिज कर दी गई थी। याचिका में इलाज के लिए अस्पताल चुनने के अधिकार का मुद्दा उठाया गया है।

राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी बैरिकेडिंग की गई है। हालांकि बदरपुर बॉर्डर और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर यातायात सामान्य बना हुआ है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।