BRICS Summit 2026: सितंबर में भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग, पुतिन की मौजूदगी की भी संभावना

भारत सितंबर 2026 में BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं, तो यह गलवान विवाद और कोविड-19 महामारी के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी।

Jul 31, 2026 - 17:39
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BRICS Summit 2026: सितंबर में भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग, पुतिन की मौजूदगी की भी संभावना

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। इस सम्मेलन से पहले सबसे अधिक चर्चा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा को लेकर हो रही है। यदि यह दौरा तय होता है, तो कोविड-19 महामारी और वर्ष 2020 के गलवान सीमा विवाद के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। ऐसे में इस यात्रा को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, BRICS Summit 2026 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भी शामिल होने की संभावना है। रूस की ओर से पहले ही उनकी भारत यात्रा के संकेत दिए जा चुके हैं। सम्मेलन में BRICS के नए सदस्य ईरान की भी भागीदारी संभावित है, हालांकि तेहरान की ओर से किस स्तर का प्रतिनिधिमंडल आएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले महीने किर्गिस्तान में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने की संभावना है। इस दौरान उनकी चीन, रूस और ईरान के शीर्ष नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें हो सकती हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं, तो इससे दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को नई गति मिल सकती है। पिछले कुछ वर्षों में सीमा विवाद और सैन्य तनाव के बावजूद दोनों देशों ने कई स्तरों पर वार्ता जारी रखी है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व की संभावित मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

BRICS सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक व्यापार चुनौतियां और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दे सम्मेलन के प्रमुख एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। भारत की मेजबानी में होने वाला यह सम्मेलन उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को और मजबूत करने का अवसर भी माना जा रहा है।

इस बीच पाकिस्तान की ओर से भी संकेत मिले हैं कि वर्ष 2027 में इस्लामाबाद में प्रस्तावित SCO शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक निमंत्रण भेजा जाएगा। सितंबर 2026 से पाकिस्तान SCO की अध्यक्षता संभालेगा और मेजबान देश होने के नाते सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को आमंत्रित करना उसकी जिम्मेदारी होगी।

सितंबर में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि इसमें दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष नेता एक मंच पर वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर रणनीतिक चर्चा करते दिखाई दे सकते हैं।