मुख्यमंत्री ने खरसिया चौक की सड़क पर बने बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण कराने और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस और यातायात विभाग के साथ समन्वय कर लोगों के लिए सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन को सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में निर्माणाधीन और क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति पर नियमित निगरानी रखें। आवश्यकता होने पर कलेक्टर स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों तथा निर्माण एजेंसियों के साथ समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखें। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति खराब होने पर नागरिकों को लंबे समय तक परेशानी न हो, इसके लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। बारिश के दौरान जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव या अन्य कारणों से आवागमन प्रभावित होने अथवा दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार चेतावनी संकेतक और बैरिकेडिंग लगाने के साथ सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां सड़क निर्माण कार्य चल रहे हैं या बारिश के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हुई है, वहां गड्ढे भरने, समतलीकरण और जल निकासी जैसे अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण या मरम्मत कार्य मौसम की परिस्थितियों के कारण प्रभावित होने की स्थिति में भी सड़क को यथासंभव चलने योग्य बनाए रखने के लिए आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।
साय ने यह भी निर्देश दिया कि सड़क चाहे राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय या किसी अन्य एजेंसी से संबंधित हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टरों को अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद निर्माणाधीन और स्वीकृत सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना तैयार कर सड़क निर्माण और स्थायी मरम्मत के कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सड़क निर्माण के कारण आम लोगों को लंबे समय तक आवागमन संबंधी असुविधा का सामना न करना पड़े।