जिले में योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को उनकी मांग के आधार पर 150 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक दिन कार्य पूरा करने पर ग्रामीणों को 300 रुपये की मजदूरी भुगतान प्राप्त हो रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर मिल रहा है और उन्हें काम की तलाश में अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम हो रही है।
कलेक्टर तूलिका प्रजापति के निर्देशानुसार जिला पंचायत कबीरधाम द्वारा जिले की सभी ग्राम पंचायतों के लिए विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति पहले से की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की 471 ग्राम पंचायतों में लगभग 820 निर्माण कार्य संचालित हैं। इन कार्यों में आजीविका डबरी, तालाब निर्माण, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम सहित अन्य विकास एवं सामुदायिक उपयोग से जुड़े निर्माण कार्य शामिल हैं।
रोजगार दिवस के दौरान ग्रामीणों को योजना के माध्यम से मिलने वाले रोजगार और विभिन्न कार्यों से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी गई। हितग्राही मूलक कार्यों में पशु शेड, निजी डबरी, आजीविका डबरी, सामुदायिक डबरी और कूप निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इन कार्यों के माध्यम से जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका के नए साधन विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिले की सभी ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड चस्पा किए गए हैं। ग्रामीण अपने मोबाइल फोन के स्कैनर से क्यूआर कोड स्कैन कर पिछले वर्षों में किए गए निर्माण कार्यों और उन पर हुए खर्च से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर संचालित कार्यों की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने की पहल की गई है।
इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत निर्मित आवासों की जानकारी भी क्यूआर कोड के माध्यम से ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही है। रोजगार दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को अपने आवास का निर्माण समय पर पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही निर्माण कार्य से जुड़ी आवश्यक तकनीकी जानकारी भी दी गई।
ग्रामीणों को बताया गया कि हितग्राही मूलक और सामुदायिक कार्य केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनसे गांवों में जल संरक्षण, कृषि के लिए सिंचाई सुविधा और स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधनों को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।
रोजगार दिवस के माध्यम से ग्रामीणों को विकसित भारत जी राम जी योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया। योजना के तहत रोजगार की मांग करने वाले परिवारों को स्थानीय स्तर पर काम उपलब्ध कराने और स्वीकृत निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।