कबीरधाम पुलिस ने महिलाओं और छात्राओं को स्मार्टफोन प्राइवेसी व सुरक्षित ब्राउज़िंग के प्रति किया जागरूक

कबीरधाम पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के तहत महिलाओं, छात्राओं और महिला समूहों के लिए स्मार्टफोन प्राइवेसी एवं सुरक्षित ब्राउज़िंग को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान मजबूत स्क्रीन लॉक, ऐप परमिशन, सोशल मीडिया सुरक्षा, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और संदिग्ध लिंक से बचने के उपाय बताए गए। साइबर अपराध होने पर 1930 हेल्पलाइन पर तत्काल शिकायत करने की अपील की गई।

Sep 7, 2026 - 18:28
Sep 7, 2026 - 18:32
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कबीरधाम पुलिस ने महिलाओं और छात्राओं को स्मार्टफोन प्राइवेसी व सुरक्षित ब्राउज़िंग के प्रति किया जागरूक

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए सात सप्ताह का साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 7 सितंबर 2026 को जिलेभर में स्मार्टफोन प्राइवेसी एवं सुरक्षित ब्राउज़िंग को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान में महिला महाविद्यालयों की छात्राओं, महिला समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य महिलाओं को स्मार्टफोन के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई।

यह अभियान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया कि स्मार्टफोन में व्यक्तिगत फोटो, वीडियो, संपर्क नंबर, बैंकिंग संबंधी जानकारी, ई-मेल और सोशल मीडिया अकाउंट जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद रहती हैं। ऐसे में फोन की प्राइवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग्स को सुरक्षित रखना जरूरी है। महिलाओं और छात्राओं को मजबूत स्क्रीन लॉक, पासवर्ड, पिन या फिंगरप्रिंट लॉक का उपयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही पासवर्ड और पिन किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने के लिए कहा गया।

पुलिस ने मोबाइल ऐप्स को दी जाने वाली परमिशन को लेकर भी सावधानी बरतने की जानकारी दी। अनावश्यक रूप से किसी ऐप को कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन या संपर्क सूची की अनुमति नहीं देने और समय-समय पर ऐप परमिशन तथा प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करने की समझाइश दी गई।

सोशल मीडिया की सुरक्षा को लेकर महिलाओं और छात्राओं को अपने अकाउंट को प्राइवेट रखने तथा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करने की सलाह दी गई। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करने और निजी फोटो, वीडियो तथा व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचने की समझाइश दी गई।

जागरूकता कार्यक्रम में ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने के लिए कहा गया। पुलिस ने सुरक्षित ब्राउज़िंग के संबंध में बताया कि इंटरनेट का उपयोग करते समय विश्वसनीय वेबसाइट और ऐप का ही इस्तेमाल करें। संदिग्ध विज्ञापन, फर्जी वेबसाइट या अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए।

किसी ऐप को डाउनलोड करते समय केवल आधिकारिक और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने तथा अनजान स्रोतों से प्राप्त एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, आपत्तिजनक संदेश, ब्लैकमेलिंग और व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग से बचाव के उपाय भी बताए गए। पुलिस ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से परेशान करने, धमकी देने या किसी प्रकार का साइबर अपराध होने पर घबराने के बजाय तत्काल शिकायत करनी चाहिए।

किसी भी साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने तथा नजदीकी थाने या साइबर पुलिस से संपर्क करने की अपील की गई। कबीरधाम पुलिस ने आमजन से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और स्मार्टफोन व सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स को समय-समय पर जांचने की अपील की है।