युवाओं को कौशल विकास से रोजगार से जोड़ना राज्य की प्राथमिकता : राज्य नीति आयोग उपाध्यक्ष

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

Jun 12, 2026 - 18:26
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युवाओं को कौशल विकास से रोजगार से जोड़ना राज्य की प्राथमिकता : राज्य नीति आयोग उपाध्यक्ष

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा है कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के सामने बेरोजगारी, मोबाइल की लत, नशे की समस्या, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ और बढ़ती सामाजिक समस्याएँ प्रमुख चिंता का विषय हैं।

नवा रायपुर स्थित राज्य नीति आयोग कार्यालय में आयोजित एसएसएम पीआईयू एवं एम एंड ई यूनिट्स के इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का समाधान केवल रोजगार सृजन और कौशल विकास से ही संभव है। राज्य सरकार का लक्ष्य 15 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो कृषि कार्यों से जुड़ना नहीं चाहते, लेकिन उनके पास वैकल्पिक रोजगार के अवसरों की कमी है। ऐसे में कौशल विकास कार्यक्रमों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

इस दिशा में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के सहयोग से छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए एक व्यापक योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत प्लंबर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन, गार्डनर, मोबाइल रिपेयरिंग, टीवी मैकेनिक जैसे कई रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल किए जाएंगे।

उपाध्यक्ष ने यूएनडीपी के विशेषज्ञों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक ठोस और व्यावहारिक परियोजना तैयार की जाए। इस योजना का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद तुरंत रोजगार उपलब्ध कराना भी होगा।

इसके लिए राज्य सरकार उद्योगों, निजी संस्थानों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर प्रत्येक जिले में विशेष रोजगार आयोजन करेगी। इन आयोजनों में प्रशिक्षित युवाओं को सीधे नौकरी के अवसर और नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य में बेरोजगारी दर को कम करने के साथ-साथ युवाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी। इससे सामाजिक समस्याओं पर भी नियंत्रण मिलेगा और राज्य के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सहयोग से चल रही इस योजना को लेकर सरकार का लक्ष्य एक ऐसा मॉडल तैयार करना है, जो देश के अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बने।

अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कौशल विकास, उद्योगों की भागीदारी और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से छत्तीसगढ़ युवा सशक्तिकरण का एक मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा।