CJP ने सरकार को फिर दिया अल्टीमेटम, प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई रोकने और रिहाई की मांग

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देशभर में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को फिर अल्टीमेटम दिया है। पार्टी ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई, कार्रवाई पर रोक और 28 जुलाई तक लिखित आश्वासन देने की मांग दोहराई है।

Jul 27, 2026 - 15:45
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CJP ने सरकार को फिर दिया अल्टीमेटम, प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई रोकने और रिहाई की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए देशभर में प्रदर्शनकारी छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि उसे असम, पश्चिम बंगाल, बिहार सहित कई राज्यों से ऐसी रिपोर्टें मिल रही हैं, जिनमें प्रदर्शन में शामिल छात्रों और अन्य लोगों को सरकारी एजेंसियों द्वारा निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी बयान में कहा कि पार्टी को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष रूप से असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों एवं अन्य प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

सौरव दास ने कहा कि CJP ने पहले भी प्रदर्शनकारी छात्रों से जुड़े तीन प्रमुख मुद्दे सरकार के सामने रखे थे। इनमें प्रमुख मांग यह थी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। पार्टी का कहना है कि अब जो रिपोर्टें सामने आ रही हैं, वे इस आश्वासन के विपरीत दिखाई देती हैं।

पार्टी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा किया जाए और देश के किसी भी हिस्से में प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई न की जाए। CJP ने यह भी कहा कि उसकी कानूनी टीम हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने और उन्हें हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

सौरव दास ने अपने बयान में कहा कि पार्टी ने देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय सरकार की ओर से मिले भरोसे के आधार पर लिया था। इसलिए अब सरकार को अपने वादे का सम्मान करते हुए प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से अपील की कि वे सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों को लागू कराएं।

CJP ने सरकार को याद दिलाया कि उसने 28 जुलाई 2026 तक इस संबंध में लिखित गारंटी देने का आश्वासन दिया था। पार्टी ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लिखित आश्वासन जारी किया जाना चाहिए, ताकि प्रदर्शनकारियों और छात्रों के बीच विश्वास कायम रह सके।

फिलहाल सरकार की ओर से CJP के इन आरोपों और मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि समय पर आश्वासन नहीं मिला तो वह आगे की रणनीति पर निर्णय लेगी। इस पूरे घटनाक्रम पर देशभर के छात्र संगठनों और राजनीतिक हलकों की भी नजर बनी हुई है।