बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल, हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा तो डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा की जिम्मेदारी
बीजेपी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए सात प्रमुख मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा की है। हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा, डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा, संजय भाटिया को एससी मोर्चा, बैजयंत पांडा को ओबीसी मोर्चा, लाल सिंह आर्य को किसान मोर्चा, सतीश पूनिया को एसटी मोर्चा और गजेंद्र पटेल को अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए सात प्रमुख मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा कर दी है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम के ऐलान के बाद अब अलग-अलग मोर्चों के संगठनात्मक दायित्व भी तय किए गए हैं। वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी ने संगठन को चुनावी दृष्टि से मजबूत करने की दिशा में यह बदलाव किया है। नई व्यवस्था में अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
पार्टी की ओर से जारी जिम्मेदारियों के अनुसार हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं संजय भाटिया को अनुसूचित जाति मोर्चा, बैजयंत पांडा को अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा, लाल सिंह आर्य को किसान मोर्चा, सतीश पूनिया को अनुसूचित जनजाति मोर्चा और गजेंद्र पटेल को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। इन नियुक्तियों के साथ पार्टी ने अपने विभिन्न सामाजिक वर्गों और संगठनों के बीच समन्वय को मजबूत करने का प्रयास किया है।
एससी मोर्चा की जिम्मेदारी संभालने वाले संजय भाटिया हरियाणा से बीजेपी के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। वे वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं और पार्टी संगठन में राष्ट्रीय महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। किसान मोर्चा के प्रभारी बनाए गए लाल सिंह आर्य मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उन्हें पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी दलित नेताओं में गिना जाता है। वहीं ओबीसी मोर्चा की जिम्मेदारी बैजयंत पांडा को दी गई है, जो ओडिशा में बीजेपी के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।
एसटी मोर्चा के प्रभारी बनाए गए सतीश पूनिया राजस्थान बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। संगठन और चुनावी राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है। इसी तरह महिला मोर्चा की जिम्मेदारी डी. पुरंदेश्वरी को दिए जाने को भी पार्टी की संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। युवा मोर्चा के प्रभारी हरीश द्विवेदी को जिम्मेदारी मिलने से युवा संगठन के स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को और सक्रिय करने की दिशा में काम होने की उम्मीद है।
बीजेपी ने इससे पहले विभिन्न प्रमुख मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्षों की भी घोषणा की थी। युवा मोर्चा की कमान गुजरात से आने वाले लोकसभा सांसद डॉ. हेमांग जोशी को सौंपी गई है। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ की वरिष्ठ नेता रूप कुमारी चौधरी को दी गई है। किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद बंसीलाल गुर्जर को जिम्मेदारी मिली है।
इसके अलावा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश कुमार राम, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मन्नालाल रावत और अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली बनाए गए हैं। अब मोर्चों के प्रभारियों और राष्ट्रीय अध्यक्षों के बीच समन्वय के जरिए संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
बीजेपी की नई संगठनात्मक टीम को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी का फोकस संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने, विभिन्न सामाजिक समूहों तक पहुंच बढ़ाने और चुनावी तैयारियों को गति देने पर है। सात मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा के बाद अब संबंधित संगठनों की गतिविधियों और कार्यक्रमों को नई जिम्मेदारियों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। पार्टी के इस फेरबदल में अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के साथ सामाजिक एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखने की कोशिश दिखाई दे रही है।