किम जोंग उन और डोनाल्ड ट्रंप की बैठक, नवंबर में हो सकती है दोनों नेताओं की मुलाकात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच नवंबर 2026 में संभावित मुलाकात की चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बैठक ट्रंप की एशिया यात्रा के दौरान चीन के शेनझेन में होने वाली APEC बैठक के आसपास हो सकती है। दोनों नेता इससे पहले तीन बार मुलाकात कर चुके हैं। संभावित बैठक ऐसे समय में हो सकती है, जब कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य गतिविधियों और अमेरिका-उत्तर कोरिया संबंधों को लेकर चर्चा जारी है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन के बीच एक बार फिर मुलाकात की संभावनाएं सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच नवंबर 2026 में बैठक हो सकती है। यह मुलाकात ट्रंप की एशिया यात्रा के दौरान चीन के शेनझेन में होने वाली एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन यानी APEC बैठक के आसपास होने की संभावना जताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ने अपने अधिकारियों के साथ किम जोंग उन के साथ जल्द बैठक आयोजित करने को लेकर चर्चा की है। संभावित मुलाकात ऐसे समय में होने की चर्चा है, जब कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य तनाव से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की संभावित बैठक को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास को सीमित करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इन सैन्य अभ्यासों को महंगा बताते हुए कहा कि इनसे उत्तर कोरिया को गलत और शत्रुतापूर्ण संकेत मिल सकते हैं। उन्होंने दक्षिण कोरिया की ओर से ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल संघर्ष में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने को लेकर भी नाराजगी जताई है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि किम जोंग उन ने उनके हालिया संपर्क का जवाब दिया है। जब ट्रंप से पूछा गया कि किम ने उनकी बातचीत की अपील का जवाब क्यों नहीं दिया, तो उन्होंने सवाल किया कि यह कैसे पता है कि किम ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि किम ने जवाब दिया है। वहीं दक्षिण कोरिया ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास का उद्देश्य उत्तर कोरिया पर हमला करना नहीं है।
डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच इससे पहले तीन महत्वपूर्ण मुलाकातें हो चुकी हैं। जून 2018 में दोनों नेताओं की पहली ऐतिहासिक बैठक सिंगापुर में हुई थी। यह किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति और उत्तर कोरिया के नेता के बीच पहली आमने-सामने मुलाकात थी। इस दौरान दोनों देशों ने कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करने पर सहमति जताई थी।
इसके बाद फरवरी 2019 में दोनों नेताओं की दूसरी औपचारिक बैठक वियतनाम के हनोई में हुई। इस बैठक में परमाणु निरस्त्रीकरण और उत्तर कोरिया पर लगाए गए प्रतिबंधों में राहत को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी। बैठक बिना किसी समझौते के समाप्त हुई थी।
जून 2019 में ट्रंप और किम की तीसरी मुलाकात कोरियाई सीमा पर स्थित डिमिलिटराइज्ड जोन यानी DMZ में हुई थी। यह मुलाकात अचानक हुई थी और इस दौरान ट्रंप उत्तर कोरिया की सीमा में कुछ कदम अंदर जाने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने थे। इस मुलाकात को दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया था।
अब नवंबर में संभावित चौथी मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हैं। यदि दोनों नेताओं की बैठक होती है तो इसमें कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका-उत्तर कोरिया संबंधों सहित कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना रहेगी।