मोहन भागवत का अमेरिका-कनाडा और ब्रिटेन दौरा, 25 अगस्त को होंगे रवाना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 25 अगस्त 2026 से अमेरिका, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर जाएंगे। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर होने वाली इस यात्रा के दौरान वे भारतीय मूल के लोगों, स्थानीय संस्थाओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में हिंदू अमेरिकियों की एक बड़ी सभा को भी संबोधित करने का कार्यक्रम है।

Aug 19, 2026 - 12:35
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मोहन भागवत का अमेरिका-कनाडा और ब्रिटेन दौरा, 25 अगस्त को होंगे रवाना

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 25 अगस्त 2026 से अमेरिका, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर जाएंगे। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हो रही इस विदेश यात्रा के दौरान भागवत भारतीय मूल के लोगों और स्थानीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। उनकी यात्रा को लेकर अमेरिका में भारतीय और हिंदू समुदाय के बीच विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं।

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भागवत के दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संघ प्रमुख 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा पर जा रहे हैं। यह यात्रा वहां की स्थानीय संस्थाओं के निमंत्रण पर आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह संयोग है कि भागवत की विदेश यात्रा आरएसएस के स्थापना के शताब्दी वर्ष में हो रही है।

भागवत के दौरे के दौरान भारतीय संस्कृति, समाज और संघ की गतिविधियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर स्थानीय समुदायों के साथ संवाद होने की संभावना है। इस दौरान भारतीय मूल के लोगों, सामाजिक संगठनों और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात और बातचीत का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

29 अगस्त को न्यूयॉर्क शहर में हिंदू अमेरिकियों की एक बड़ी सभा आयोजित होने की जानकारी सामने आई है। आयोजकों के अनुसार ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ नामक कार्यक्रम में अमेरिका के विभिन्न हिस्सों से हिंदू सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, सेवा और सामुदायिक संगठन शामिल होंगे। यह आयोजन रक्षाबंधन के अवसर के आसपास किया जा रहा है, जिसमें एकता, नागरिक जिम्मेदारी, सामाजिक सद्भाव और विभिन्न धर्मों के बीच आपसी समझ जैसे विषयों पर जोर दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग की ओर से सैकड़ों सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर किया जा रहा है। आयोजकों ने इसे अमेरिका में होने वाले बड़े और विविध हिंदू सामुदायिक आयोजनों में से एक बताया है। कार्यक्रम में संवाद, आपसी सम्मान, साझा जिम्मेदारी और सेवा को महत्व देने के साथ ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के भारतीय दर्शन को आधार बनाया जाएगा।

भागवत के विदेश दौरे को लेकर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी दावा किया है कि कई आईआईटी निदेशकों से अपने पूर्व छात्रों के संपर्क में रहने को कहा गया है, ताकि वे अमेरिका में भागवत से मुलाकात कर सकें। हालांकि, इस दावे पर आरएसएस की ओर से अलग से पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।

इससे पहले मुंबई में मोहन भागवत ने जेन-जी और जेन-अल्फा के युवाओं के साथ संवाद किया था। उन्होंने युवाओं को लेकर कहा था कि नई पीढ़ी पुरानी पीढ़ी की तुलना में अधिक ईमानदार और देशभक्त है तथा उनकी बात सुनी जानी चाहिए। यह संवाद इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइटेड नेशंस के कार्यक्रम में हुआ था, जिसमें 11 से 19 वर्ष की उम्र के करीब 2,000 छात्र शामिल हुए थे। भागवत ने युवाओं के साथ संवाद की जरूरत पर भी जोर दिया था।