अवैध शराब मामले में तिल्दा न्यायालय का बड़ा फैसला, आरोपी को एक साल की सजा

अवैध शराब के विक्रय और परिवहन के मामले में तिल्दा न्यायालय ने आरोपी पूरन लाल वर्मा को एक वर्ष के सश्रम कारावास और 24 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने 29 अप्रैल 2026 को आरोपी के कब्जे से 180 पौवा देशी मसाला शराब और 900 रुपये नगद बरामद किए थे। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर आरोपी को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दोषी ठहराया।

Aug 19, 2026 - 12:16
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अवैध शराब मामले में तिल्दा न्यायालय का बड़ा फैसला, आरोपी को एक साल की सजा

UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा-नेवरा। अवैध शराब के विक्रय एवं परिवहन के मामले में तिल्दा न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी पूरन लाल वर्मा को एक वर्ष के सश्रम कारावास और 24 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में तिल्दा-नेवरा पुलिस ने करीब चार माह पहले आरोपी के कब्जे से 180 पौवा देशी मसाला शराब और बिक्री की 900 रुपये नगद राशि जब्त की थी।

पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन निश्चय के तहत अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 29 अप्रैल 2026 को ताराशिव निवासी पूरन लाल वर्मा के कब्जे से 180 पौवा देशी मसाला शराब बरामद की गई थी। पुलिस ने शराब जब्ती के बाद मामले में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज किया था। विवेचना पूरी करने के बाद निर्धारित समय-सीमा में अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तिल्दा-नेवरा के न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से राजेश कुमार पाण्डेय ने मामले से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किए और प्रभावी तर्क रखे। न्यायालय ने प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी पूरन लाल वर्मा को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दोषी माना।

न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 24 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय के आदेश के अनुसार अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त दो माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

फैसले के दौरान न्यायालय ने आरोपी के कृत्य को गंभीर प्रकृति का माना। न्यायालय ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है और विशेष रूप से युवाओं पर इसके नकारात्मक प्रभाव की संभावना रहती है। घटना की परिस्थितियों और आरोपी के आचरण को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने कारावास और अर्थदंड की सजा को उचित माना।

पुलिस के अनुसार, यह फैसला तिल्दा-नेवरा पुलिस की विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी का परिणाम है। पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब के विक्रय, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।