जानकारी के अनुसार घटना 1 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। ग्रामीण बागडोंगरी-रेंगटोला क्षेत्र की पहाड़ी के नीचे बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान जंगल की ओर से बाघ के आने की बात सामने आई। बाघ ने अचानक बकरियों पर हमला कर दिया और तीन बकरियों की मौत हो गई। बाघ को सामने देखकर ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए मौके से भाग गए।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया और बकरियों की मौत के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। ग्रामीणों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।
औंधी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी का मामला इससे पहले भी सामने आ चुका है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 8 सितंबर को घोटियाकान्हार क्षेत्र में बाघ ने एक बैल का शिकार किया था। इसके बाद अब बागडोंगरी-रेंगटोला क्षेत्र में तीन बकरियों के शिकार की घटना सामने आई है। लगातार मवेशियों पर हो रहे हमलों के कारण घोटियाकान्हार, हालेपायली, गट्टेपायली, बागडोंगरी और रेंगटोला सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
वन विभाग द्वारा बाघ की गतिविधियों पर निगरानी के लिए जंगल में मोशन-सेंसर ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों के जरिए बाघ की आवाजाही और उसके मूवमेंट पर नजर रखने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग की टीम क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी और उसकी गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटा रही है।
ग्रामीणों के लिए जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में मवेशी चराना रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में बाघ की मौजूदगी के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग को क्षेत्र में निगरानी बढ़ानी चाहिए और लोगों को बाघ की गतिविधियों से संबंधित जानकारी समय-समय पर उपलब्ध करानी चाहिए।
फिलहाल वन विभाग द्वारा घटनास्थल पर की गई कार्रवाई और लगाए गए कैमरों के माध्यम से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। तीन बकरियों के शिकार की इस घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की निगरानी और आगे की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।