80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठजनों को मुफ्त बस पास, छत्तीसगढ़ की पहल गोल्डन बुक में दर्ज
छत्तीसगढ़ में 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क बस पास देने की पहल को Golden Book of World Records में विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि को प्रदेश के वरिष्ठजनों को समर्पित करते हुए कहा कि परिवहन व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने के साथ संवेदनशील बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 69 चयनित मार्गों पर बस संचालन से 450 नए गांव पहली बार यात्री बस सुविधा से जुड़े हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग की ओर से 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क बस पास देने की पहल को Golden Book of World Records में विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा को आसान और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस व्यवस्था को विभाग ने जनसेवा और सामाजिक सरोकार से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर कहा कि विश्व रिकॉर्ड को प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित किया जा रहा है। उनके अनुसार 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों ने अपने अनुभव और परिश्रम से समाज और प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में जीवन के इस पड़ाव पर उनकी यात्रा को आसान बनाना सम्मान और सेवा दोनों से जुड़ा विषय है।
कश्यप के मुताबिक सरकार का प्रयास परिवहन व्यवस्था को केवल सुविधाजनक बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप संवेदनशील बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था इसी सोच का हिस्सा बताई गई है। विभाग के अनुसार 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक यात्री बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
परिवहन व्यवस्था को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए भी विभाग की ओर से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत काम किया जा रहा है। फरवरी 2026 में परिवहन विभाग की जानकारी के अनुसार, योजना के तहत 69 चयनित मार्गों पर 69 बसों का संचालन किया जा रहा था। इन बस सेवाओं के माध्यम से 450 नए गांव पहली बार यात्री बस सुविधा से जुड़े। इसके अलावा 18 बसों के संचालन की प्रक्रिया चल रही थी और वर्ष 2026-27 में 200 नई बसों के संचालन की कार्ययोजना बताई गई थी।
विभाग के अनुसार परिवहन को केवल आवागमन का माध्यम न मानकर नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाजार, प्रशासनिक सुविधाओं और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने वाली आवश्यक सेवा के रूप में विकसित करने पर जोर है। इसी क्रम में दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक बस सेवाओं का विस्तार करने की योजना भी रखी गई है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क बस पास की पहल का उद्देश्य अधिक उम्र में होने वाली यात्रा संबंधी कठिनाइयों को कम करना है। स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों, पारिवारिक कार्यों या अन्य आवश्यक यात्राओं के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले बुजुर्गों को इससे सुविधा मिलने की उम्मीद जताई गई है।
परिवहन विभाग की ओर से तकनीक और सड़क सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी काम किया जा रहा है। ऑनलाइन परमिट, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, फिटनेस प्रमाण-पत्र और महिला यात्रियों की सुरक्षा जैसे विषयों को परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण से जोड़ा जा रहा है।
केदार कश्यप ने कहा कि इस विश्व रिकॉर्ड को परिवहन विभाग की उपलब्धि के साथ-साथ वरिष्ठजनों के सम्मान से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ मानवीय और संवेदनशील बनाने का है, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों को सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध हो सके।